Companies तथा निर्यातकों के लिए ‘‘रिवाइवल एण्ड फैसिलिटेशन’’ सेल का गठन

लखनऊ–उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाॅक-डाउन खुलने के उपरान्त औद्योगिक इकाइयों (Companies) तथा निर्यातकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आयुक्त एवं निदेशक उद्योग की अध्यक्षता में ‘‘रिवाइवल एण्ड फैसिलिटेशन’’ सेल का गठन किया गया है। यह भी पढ़ें-भारत में 24 लोगों की जांच में मिलता है एक कोरोना पॉजिटिव, 5 लाख रैपिड टेस्ट किट्स आए: ICMR इस सेल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दो संयुक्त आयुक्त उद्योग तथा सहायक आयुक्त उद्योग स्तर (Companies) के अधिकारी भी नामित किये गये हैं। यह समिति समय-समय पर शासन को भी प्रगति से अवगत करायेगी। यह जानकारी प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (Companies)

Written By :

Shweta Singh

Updated

April 19, 2020

लखनऊ–उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाॅक-डाउन खुलने के उपरान्त औद्योगिक इकाइयों (Companies) तथा निर्यातकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आयुक्त एवं निदेशक उद्योग की अध्यक्षता में ‘‘रिवाइवल एण्ड फैसिलिटेशन’’ सेल का गठन किया गया है।

यह भी पढ़ें-भारत में 24 लोगों की जांच में मिलता है एक कोरोना पॉजिटिव, 5 लाख रैपिड टेस्ट किट्स आए: ICMR

इस सेल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दो संयुक्त आयुक्त उद्योग तथा सहायक आयुक्त उद्योग स्तर (Companies) के अधिकारी भी नामित किये गये हैं। यह समिति समय-समय पर शासन को भी प्रगति से अवगत करायेगी।

यह जानकारी प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (Companies) डा0 नवनीत सहगल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सम्पूर्ण प्रदेश में लाॅक-डाउन घोषित किया गया है, जिसके कारण समस्त औद्योगिक इकाईयों की गतिविधां प्रभावित है। स्वाभाविक है कि लाॅक-डाउन की अवधि में तथा लाॅक डाउन खुलने के बाद औद्योगिक इकाईयों (Companies) तथा निर्यातकों के समक्ष यूनिट चलाये जाने में कतिपय समस्यायें उत्पन्न हो सकती है। इसके निराकरण हेतु राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों की समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इस सेल का गठन किया गया है और इस संबंध में आज आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं।

डा0 सहगल ने बताया कि लाॅक-डाउन अवधि में तथा इसके पश्चात औद्योगिक इकाईयों तथा निर्यातकों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों जैसे सरकारी विभागों से इकाई संचालन की अनुमति प्राप्त करना, अनापत्ति लिया जाना तथा जी0एस0टी0 रिफण्ड से संबंधित मामले प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इनके अलावा सरकारी विभागों द्वारा एमएसएमई इकाईयों से की गई खरीद के लम्बित भुगतान एवं औद्योगिक इकाईयों को बैंको से आ रही समस्याओं के निवारण हेतु त्वरित प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। इसको देखते हुए ‘‘रिवाइवल एण्ड फैसिलिटेशन’’ सेल का गठन किया गया है। यह सेल उद्यमियों की समस्याओं के ससमय निवारण हेतु प्रभावी तौर से कार्य करेगा।