एक तरफ सीएम योगी के एजेंडे में गौ माता, दूसरी ओर गौसदन बने गायों के लिए कब्रगाह

फर्रुखाबाद–फर्रुखाबाद में गौसदन में गौ वंशों की मौत 100 का भी आंकड़ा पार कर 106 पर जा पहुंचा। इस पर भी न शासन जागा और न प्रशासन। आज भी 6 गौ वंश आखिरी घड़ियों में साँसें गिनते गौ सदन की दीवारों को निहार रहे हैं।  इसके बावजूद हिंदूवादी संगठनों ने गौ सदन में बदइंतजामी को सियासत का मुद्दा बना लिया है। जब सीएम योगी के एजेंडे में सबसे ऊपर गौ माता हैं तब गौ वंश भूख और बीमारी का शिकार होकर मर रहे हों तो यह तय करना ही होगा कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? गौ सदन की

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November 26, 2018

फर्रुखाबाद–फर्रुखाबाद में गौसदन में गौ वंशों की मौत 100 का भी आंकड़ा पार कर 106 पर जा पहुंचा। इस पर भी न शासन जागा और न प्रशासन। आज भी 6 गौ वंश आखिरी घड़ियों में साँसें गिनते गौ सदन की दीवारों को निहार रहे हैं। 

इसके बावजूद हिंदूवादी संगठनों ने गौ सदन में बदइंतजामी को सियासत का मुद्दा बना लिया है। जब सीएम योगी के एजेंडे में सबसे ऊपर गौ माता हैं तब गौ वंश भूख और बीमारी का शिकार होकर मर रहे हों तो यह तय करना ही होगा कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? गौ सदन की अव्यवस्थाओं में कोई सुधार न होने पर सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने गौ सदन का फाटक तोड़कर गायों और सांडों को बाहर हांक दिया।  

फर्रुखाबाद के अफसर औरे नेता गौ माताओं की भूख और बीमारी का प्रबंध नहीं कर पा रहे हैं और यही कारण है कि लगभग एक हजार बीघा जमीन पर बना कटरी धरम पुर का गौ सदन पिछले कुछ अरसे  से गौ वंशों की कब्र गाह बन गया है। 50  दिन में गायों की मौतों का आंकड़ा 100  के पर जा पहुंचा है।  गौसदन के कर्मचारी इस कार्रवाई से अवाक रह गए और कोई भी लक्ष्मण सिंह का विरोध नहीं कर पाया। सर्वोदय मंडल के नेताओं के द्वारा गौसदन का गेट तोड़कर कई गायों को भगाने के बाद डॉ० हरिदत्त द्विवेदी गौसदन पंहुचे| उन्होंने गायों को अपने साथ लेकर आये दाना और हरा चारा मिलाकर गायों व भूखे गौवंशों को खिलाया| वही गौसदन को देखा| उन्होंने चिकित्सीय टीम के साथ ही खुद लगकर उनका उपचार कराया| 

डॉ० हरिदत्त द्विवेदी के हरा चारा खिलाने के दौरान कई कमजोर गाय व गौवंश जो उठ या चल नही पा रहे थे उनको अपने हाथो से चारा खिलाया|डॉ० हरिदत्त द्विवेदी ने कहा की जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को इसकी व्यवस्था को देखना चाहिए| नगर पालिका भी गायों की मौत की बराबर के दोषी है| उनके खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए| 

(रिपोर्ट- दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद )