यौन उत्पीड़न केसः चैतन्यानंद सरस्वती पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, 14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

Swami Chaitanyananda: यौन उत्पीड़न और वित्तीय फर्जीवाड़े के आरोपों का सामना कर रहे चैतन्यानंद सरस्वती की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। छात्राओं से अश्लील हरकतें करने का आरोप एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज से जुड़ी छात्राओं ने चैतन्यानंद सरस्वती पर अश्लील हरकतें करने, सीसीटीवी कैमरों का दुरुपयोग करने और शैक्षणिक संस्थान की संपत्ति का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस की माने तो चैतन्यानंद कॉलेज की संपत्तियों का इस्तेमाल महंगी गाड़ियाँ खरीदने

Written By :

SK Sharma

Updated

October 10, 2025

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Swami Chaitanyananda: यौन उत्पीड़न और वित्तीय फर्जीवाड़े के आरोपों का सामना कर रहे चैतन्यानंद सरस्वती की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

छात्राओं से अश्लील हरकतें करने का आरोप

एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज से जुड़ी छात्राओं ने चैतन्यानंद सरस्वती पर अश्लील हरकतें करने, सीसीटीवी कैमरों का दुरुपयोग करने और शैक्षणिक संस्थान की संपत्ति का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस की माने तो चैतन्यानंद कॉलेज की संपत्तियों का इस्तेमाल महंगी गाड़ियाँ खरीदने और निजी व्यय के लिए कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी आगरा से की गई थी।

14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं चैतन्यानंद सरस्वती

कोर्ट ने बीती 3 अक्टूबर को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। वहीं, 8 अक्टूबर को चैतन्यानंद ने संन्यासी वस्त्र पहनने और धार्मिक पुस्तकें पढ़ने की अनुमति की मांगी थी जिस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। मामले की जड़ तक जाने के लिए पुलिस चैतन्यानंद से हिरासत में पूछताछ की मांग कर रही है। चैतन्यानंद ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च की संपत्ति को एक फर्जी ट्रस्ट के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था। उस पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने और विभिन्न बैंकों में कई खाते खोलने का भी आरोप है।

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट 26 सितंबर को ट्रस्ट की संपत्ति के हस्तांतरण से संबंधित मामले में चैतन्यानंद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मामले की जांच प्रारंभिक अवस्था में है और इसमें हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। अब सभी की निगाहें 14 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब कोर्ट यह तय करेगा कि चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत मिलेगी या नहीं।


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