पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की मौत के 50 साल बाद अब होगी सीबीआई जांच

अम्बेडकरनगर –यूपी अम्बेडरनगर जनपद के जलाल पुर तहसील के एक बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा जनसंघ के सह संस्थापक पण्डित दीन दयाल उपाध्याय कि हत्या के मामले में गृह मंत्रालय से सीबीआई जांच कराने के लिये एक पत्र लिखा था. गृह मंत्रालय के साथ-साथ इस कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति और कई जगह भी हत्या कि फ़िर से जाँच कराने के लिये अर्जी लगायी थी. दिलचस्प बात यह है कि इस कार्यकर्ता कि मन कि मुराद पूरी होतीं नज़र आ रही है. वहीं गृह मंत्रालय ने सीबीआई जाँच के लिये हरी झंडी दें दी है. बता दें कि आंबेडकर नगर (जलालपुर) के पूर्व बीजेपी

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September 20, 2018

अम्बेडकरनगर –यूपी अम्बेडरनगर जनपद के जलाल पुर तहसील के एक बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा जनसंघ के सह संस्थापक पण्डित दीन दयाल उपाध्याय कि हत्या के मामले में गृह मंत्रालय से सीबीआई जांच कराने के लिये एक पत्र लिखा था.

गृह मंत्रालय के साथ-साथ इस कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति और कई जगह भी हत्या कि फ़िर से जाँच कराने के लिये अर्जी लगायी थी. दिलचस्प बात यह है कि इस कार्यकर्ता कि मन कि मुराद पूरी होतीं नज़र आ रही है. वहीं गृह मंत्रालय ने सीबीआई जाँच के लिये हरी झंडी दें दी है.

बता दें कि आंबेडकर नगर (जलालपुर) के पूर्व बीजेपी मंडल मंत्री राकेश गुप्ता ने 6 नवंबर 2017 को केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा था. इसमें पटना जाते समय स्टेशन पर दीनदयाल उपाध्याय की हत्या को विरोधी दलों की साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई थी. हत्या के तार पश्चिम बंगाल, नई दिल्ली और बिहार से जुड़े होने की बात कही गई. पत्र में आरोप लगाया गया था कि हत्या के बाद न कानूनी कार्यवाही का पालन किया गया, ना ही पोस्टमॉर्टम कराया गया था. 

यही नहीं 11 फरवरी 1968 में हुए इस हत्याकांड में उनकी मौत से जुड़ी फाइलें भी गायब है.फिलहाल अब एक बार फिर से 50 साल बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय के मौत से पर्दा उठाने के लिये मामला सीबीआई के पाले में जा पहुँचा है.वहीं अधिकारी अब पांच दशक पुराने इस मामले में किसी ऐसे पुलिसकर्मी की तलाश कर रहे हैं, जो उस समय घटना के वक्त तैनात रहा हो. 

(रिपोर्ट- कार्तिकेय द्विवेदी,अम्बेडकरनगर)