बाइक की EMI के लिए हुयी थी HDFC बैंक के वाइस प्रेसिडेंट की हत्या

मुंबई– एचडीएफसी बैंक के वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ सांघवी की हत्या के आरोप में पुलिस ने सरफराज शेख नामक शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि सरफराज ने ही सिद्धार्थ के शव को कल्याण हाइवे के करीब मारकर छिपाया था। वहीं, सरफराज शेख को पुलिस ने स्थानीय अदालत में पेश किया जहां उसने अपना गुनाह स्वीकार किया और हत्या के करने के पीछे अपनी मंशा भी बताई। जब आरोपी शेख को भोइवाड़ा मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया तब उससे पूछा गया कि क्या वह कुछ कहना चाहता है? इसके बाद शेख ने अपना हाथ उठाते हुए

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September 11, 2018

मुंबई– एचडीएफसी बैंक के वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ सांघवी की हत्या के आरोप में पुलिस ने सरफराज शेख नामक शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि सरफराज ने ही सिद्धार्थ के शव को कल्याण हाइवे के करीब मारकर छिपाया था। वहीं, सरफराज शेख को पुलिस ने स्थानीय अदालत में पेश किया जहां उसने अपना गुनाह स्वीकार किया और हत्या के करने के पीछे अपनी मंशा भी बताई।

जब आरोपी शेख को भोइवाड़ा मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया तब उससे पूछा गया कि क्या वह कुछ कहना चाहता है? इसके बाद शेख ने अपना हाथ उठाते हुए विटनेस बॉक्स में खड़ा हो गया। उसके बाद शेख ने हत्या का मोटिव बताया। उसने सबसे पहले कहा, ‘हां सर, मैंने उन्हें मार डाला। यह मेरी भयंकर भूल थी।’ शेख ने कहा कि उसने मोटरसाइकिल खरीदने के लिए लोन लिया था। पिछले 2-3 महीने से वह लोन नहीं चुका पाया था, तब उसने संघवी को लूटने का फैसला किया लेकिन, जल्दी में मैंने उनकी हत्या कर दी। 

शेख ने पुलिस को बताया था कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। इसीलिए उनसे लूट की योजना बनाई। उसे उम्मीद थी कि संघवी से उसे 30-3 हजार रुपये मिल जाएंगे। बता दें कि बुधवार से गायब चल रहे संघवी का शव सोमवार को कल्याण के हाजी मलंग इलाके में पाया गया। पुलिस ने बताया था कि जब शेख और संघवी के बीच पैसे को लेकर पार्किंग में विवाद हुआ तो संघवी ने अलार्म बजा दिया था, जिससे घबराकर शेख ने उनपर हमला कर दिया। हत्या करने के बाद शेख ने संघवी के शव को कार में रखा और हाजी मलंग के पास लाकर फेंक दिया। 

कॉन्ट्रैक्ट वर्कर शेख संघवी के लोअर परेल ऑफिस के पार्किंग में संघवी की कार की पिछली सीट पर बैठा था और उसने वीपी की गर्दन पर चाकू लगा रखा था। जैसे ही संघवी घूमे उनकी गर्दन कट गई। तब संघवी कार ने नीचे उतरे और अलार्म बजा दिया। तभी डरे हुए शेख ने संघवी का पीछा किया और उनपर 13 बार चाकुओं से हमला कर उनकी हत्या कर दी।