तगड़ा झटका : बीजेपी के विज्ञापन में ‘पप्पू’ शब्द पर लगा बैन

अहमदाबाद — गुजरात चुनाव में अपनी सत्ता बचाये रखने के लिए बीजेपी ने दिन-रात एक कर दिया है। पार्टी के कई शीर्ष नेता जल्द ही गुजरात में चुनाव प्रचार की कमान संभालने जा रहे हैं। इस बीच बीजेपी को चुनाव आयोग ने तगड़ा झटका दिया है। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाऊ के मुताबिक चुनाव आयोग ने बीजेपी के एक चुनावी विज्ञापन यह कहकर रोक दिया है कि इसमें ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो एक विशेष व्यक्ति के लिए उपहासजनक है। राज्य चुनाव आयोग ने कई पत्र लिखकर इस विज्ञापन पर आपत्ति जताई है जो इस चुनावी राज्य

Written By :

admin

Updated

November 15, 2017

अहमदाबाद — गुजरात चुनाव में अपनी सत्ता बचाये रखने के लिए बीजेपी ने दिन-रात एक कर दिया है। पार्टी के कई शीर्ष नेता जल्द ही गुजरात में चुनाव प्रचार की कमान संभालने जा रहे हैं। इस बीच बीजेपी को चुनाव आयोग ने तगड़ा झटका दिया है। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाऊ के मुताबिक चुनाव आयोग ने बीजेपी के एक चुनावी विज्ञापन यह कहकर रोक दिया है कि इसमें ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो एक विशेष व्यक्ति के लिए उपहासजनक है। राज्य चुनाव आयोग ने कई पत्र लिखकर इस विज्ञापन पर आपत्ति जताई है जो इस चुनावी राज्य में विवाद पैदा कर सकता है। इस विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब बीजेपी की गुजरात यूनिट ने 31 अक्टूबर को एक विज्ञापन मीडिया सत्यापन के लिए चुनाव आयोग के पास भेजा। 

उसी दिन राज्य चुनाव आयोग ने बीजेपी के विज्ञापनों पर तीन आपत्तियां जताईं। इसमें से एक विज्ञापन में दुकान पर आए एक आम आदमी के लिए ‘पप्पू’ नाम इस्तेमाल किया गया था। इसमें दुकान पर काम करने वाला कहता है, ‘सर, पप्पू भाई आए लगते हैं।’ इस विज्ञापन में पप्पू का चेहरा दिखाया नहीं गया है लेकिन मीडिया सत्यापन समिति ने इस पर आपत्ति जताई। उसने कहा कि पप्पू शब्द का इस्तेमाल एक विशेष व्यक्ति के लिए उपहासजनक है जिन्हें आमतौर पर सभी लोग इस नाम से समझ जाते हैं। इसके बाद बीजेपी ने दो नवंबर को अपील की जिसे गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी ने दोबारा मीडिया समिति के पास आंकलन के लिए भेज दिया। चुनाव आयोग के इस हस्तक्षेप से गुजरात चुनाव प्रचार अभियान नीरस होगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।