बदायूं: लाखों के घोटाले में सेवानिवृत तहसीलदार समेत तीन को जेल

बदायूं– जिले में किसानों के लिए सूखा राहत के मुआवजे में समाजवादी सरकार के समय में साल 2016 में 63 लाख रुपये से ज्यादा का गोलमाल का मामला सामने आया है। इस घोटाले में शासन के आदेश पर जांच कर क्राइम ब्रांच टीम ने तहसीलदार समेत 3 आरोपियों को जालसाजी करने और 63 लाख के गवन के आरोप में जेल भेज दिया है।  प्रदेश में जब से योगी सरकार बनी तब से लगातार समाजवादी सरकार में हुये भ्रष्टाचार और घोटाले की पोल खुल रही है ऐसा ही एक मामला बदायूँ में सामने आया जिसमे प्रदेश की योगी सरकार दुआरा निष्पक्ष

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October 20, 2018

बदायूं– जिले में किसानों के लिए सूखा राहत के मुआवजे में समाजवादी सरकार के समय में साल 2016 में 63 लाख रुपये से ज्यादा का गोलमाल का मामला सामने आया है। इस घोटाले में शासन के आदेश पर जांच कर क्राइम ब्रांच टीम ने तहसीलदार समेत 3 आरोपियों को जालसाजी करने और 63 लाख के गवन के आरोप में जेल भेज दिया है। 

प्रदेश में जब से योगी सरकार बनी तब से लगातार समाजवादी सरकार में हुये भ्रष्टाचार और घोटाले की पोल खुल रही है ऐसा ही एक मामला बदायूँ में सामने आया जिसमे प्रदेश की योगी सरकार दुआरा निष्पक्ष जाँच करने पर पता चला कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिये सूखा राहत के लिये आये रुपये में भी 63 लाख का गवन कर लिया गया जिसमे जिले के तहसीलदार सहित कई कर्मचारी शामिल थे।

प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते ही  63 लाख के 273 अपात्र किसानों को आपदा राहत के चेक देने के घोटाले के मामले में क्राइम ब्रांच टीम  से जाँच कराई गई जिसमे उस समय तहसीलदार के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की संलिप्ता पाई जिन्हें आज क्राइम ब्रांच की टीम ने उस समय के तहसीलदार बालक राम समेत तीन आरोपियों को जालसालजी करने के आरोप में जेल भेज दिया गया है। बालक राम इस जो अब  सेवानिवृत्त हो चुके है। 

बदायूं की बिल्सी तहसील में किसानों के लिए सूखा राहत के मुआवजे में समाजवादी सरकार में साल 2016 में 63 लाख रुपये से ज्यादा का गोलमाल का मामला सामने आया है। इसमें तत्तकालीन तहसीलदार बालकराम समेत 4 लोगों को जेल भेजा गया है। इस मामले की जांच समय-समय पर बदल-बदल कर करवाई जाती रही, लेकिन बाद में मामले की जांच क्राइम ब्रांच ने पूरी की।

पुलिस का कहना है कि 273 चेक में से 200 चेक पर जारीकर्ता और जमाकर्ता के समान हस्ताक्षर पाए गए। 61 चेक मुर्दों के नाम जारी कर दिए गए, 80 चेक उन लोगों के नाम जारी किए गए जो गांव में रहते ही नहीं हैं थे। वहीं 28 चेक ऐसे लोगों को जारी कर दिए जो गैर जनपद के रहने वाले निकले। कुल 63 लाख का घोटाला सामने आया है।