अयोध्याः बिना पहचान पत्र दो दिन ‘राम नगरी’ में प्रवेश नहीं

न्यूज डेस्क — अयोध्या में आज और कल (25 नवंबर) को शिवसेना और विहिप के कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। गलियों तक बैरीकेडिंग है।वहीं सुरक्षाकर्मी बिना पहचान पत्र के जाने नहीं दे रहे है। सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा व एटीएस की टीम भी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के सुपरविजन के लिए शासन के निर्देश पर पांच आईपीएस अफसर एवं पीएसी के तीन कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी पहुंच गए हैं।यदि आप धर्मसभा में शामिल होने अयोध्या जा रहे है तो अपके पास पहचान पत्र साथ होना जरूरी है।   दरअसल शिवसेना प्रमुख

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November 24, 2018

न्यूज डेस्क — अयोध्या में आज और कल (25 नवंबर) को शिवसेना और विहिप के कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। गलियों तक बैरीकेडिंग है।वहीं सुरक्षाकर्मी बिना पहचान पत्र के जाने नहीं दे रहे है।

सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा व एटीएस की टीम भी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के सुपरविजन के लिए शासन के निर्देश पर पांच आईपीएस अफसर एवं पीएसी के तीन कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी पहुंच गए हैं।यदि आप धर्मसभा में शामिल होने अयोध्या जा रहे है तो अपके पास पहचान पत्र साथ होना जरूरी है।  

दरअसल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम की नगरी अयोध्या आज अपने पूरे परिवार के साध दोपहर दो बजे पहुंचे।जहां वे लक्ष्मण किला में आयोजित आशीर्वाद समारोह में शिरकत करेंगे। इस समारोह में रामनगरी के लगभग सभी प्रमुख धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। समारोह में अयोध्या के संत-महंत व शीर्ष धर्माचार्य शिवसेना प्रमुख श्री ठाकरे को आशीर्वाद देंगे। 

इसके बाद श्री ठाकरे शाम पांच बजे अयोध्या के लक्ष्मण घाट पर सरयू आरती करेंगे। इसी कड़ी में 25 नवम्बर को भी श्री ठाकरे अयोध्या में मौजूद रहेंगे। इसी दिन विश्व हिन्दू परिषद की ओर से विराट धर्मसभा का भी आयोजन किया जा रहा है। धर्मसभा में श्री ठाकरे के  शामिल होने के बारे में अभी अन्तिम निर्णय नहीं हो सका है।

गौरतबल है कि शनिवार शाम को विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में धर्मसभा का आयोजन किया है। मुख्य मंदिर से दो किलोमीटर दूर भक्तमाल आश्रम के पास 90 बीघा जमीन पर यह धर्मसभा होगी। कइ दिग्गज संत शामिल होंगे। आयोजकों का दावा है कि इस धर्मसभा में 2.5 लाख रामभक्त इकट्ठा होंगे। इसे विहिप का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। अगर इतनी भीड़ अयोध्या पहुंची तो यह 1992 के बाद सबसे बड़ा जमावड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। आयोजकों का दावा है कि देश के कोने-कोने से रामभक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं।