बाबरी विध्वंस की 27वीं बरसी पर शांत है अयोध्या, न शौर्य का इजहार न ही गम का स्यापा

अयोध्या–अयोध्या में विवादित ढांचा की आज 27वीं बरसी को लेकर रामनगरी के साथ उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट है। अयोध्या में रामलला का मंदिर बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह पहली बरसी है। छह दिसंबर यानी आज अयोध्या में विवादित ढांचा की 27वीं तथा सुप्रीम कोर्ट का फैसला रामलला के पक्ष में आने के बाद पहली बरसी है। अयोध्या में विवादित ढांचे को छह दिसंबर 1992 को तोड़ा गया था। इसको लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवंबर को फैसला सुनाया था। बता दें बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को जहां वीएचपी शौर्य दिवस मनाती

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 6, 2019

अयोध्या–अयोध्या में विवादित ढांचा की आज 27वीं बरसी को लेकर रामनगरी के साथ उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट है। अयोध्या में रामलला का मंदिर बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह पहली बरसी है।

छह दिसंबर यानी आज अयोध्या में विवादित ढांचा की 27वीं तथा सुप्रीम कोर्ट का फैसला रामलला के पक्ष में आने के बाद पहली बरसी है। अयोध्या में विवादित ढांचे को छह दिसंबर 1992 को तोड़ा गया था। इसको लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवंबर को फैसला सुनाया था।

बता दें बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को जहां वीएचपी शौर्य दिवस मनाती है वहीं मुस्लिम समाज इसे काला दिवस के तौर पर मनाता है।वहीं मुस्लिम समाज इसे काला दिवस के रूप में मनाता रहा है। ऐसे आयोजनों के चलते कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ चुके हैं।

इन आयोजनों की धमक एक-दो दिन पूर्व ही सुनाई देने लगती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पहली छह दिसंबर संतुष्टि के भाव से भरी होने के संकेत गुरुवार को ही मिल गये, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था हर बार की तरह ही सख्त है।