बेलगाम सिपाही हुआ अपने ही भाई के खून का प्यासा, चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला

फर्रुखाबाद–जब राजधानी लखनऊ एक सिपाही की करतूत से दहल रही  थी, उसी दरम्यान फर्रुखाबाद में एक बेलगाम सिपाही ने अपने ही भाई पर चाकुओं से हमला कर सनसनी मचा दी। भागने का कोई रास्ता न मिलने पर सिपाही ने खुद कमरे में बंद होकर गाँव में मर्डर होने  की सूचना पुलिस को दी।  पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा की तत्परता काम आई और सिपाही की मंशा पूरी नहीं हो सकी। गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल पहुंचे सिपाही के भाई को होश आ गया और उसे बचा लिया गया। फिलहाल हमलावर सिपाही पहुँच गया है हवालात। भाई के खून का प्यासा बना

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October 1, 2018

फर्रुखाबाद–जब राजधानी लखनऊ एक सिपाही की करतूत से दहल रही  थी, उसी दरम्यान फर्रुखाबाद में एक बेलगाम सिपाही ने अपने ही भाई पर चाकुओं से हमला कर सनसनी मचा दी। भागने का कोई रास्ता न मिलने पर सिपाही ने खुद कमरे में बंद होकर गाँव में मर्डर होने  की सूचना पुलिस को दी। 

पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा की तत्परता काम आई और सिपाही की मंशा पूरी नहीं हो सकी। गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल पहुंचे सिपाही के भाई को होश आ गया और उसे बचा लिया गया। फिलहाल हमलावर सिपाही पहुँच गया है हवालात। भाई के खून का प्यासा बना सिपाही वकील कानपुर में ट्रैफिक पुलिस में तैनात है। 

जहानगंज थाना क्षेत्र के मुस्लिम बहुल गाँव भडोसा में कानपुर में तैनात ट्रैफिक पुलिस के  सिपाही वकील अहमद ने अपने ही सगे भाई शकील पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया और स्थिति बिगड़ने पर खुद कमरे में बंद होकर गाँव में मर्डर होने की  सूचना पुलिस को दी, लेकिन घटना की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र पूरी तरह से एलर्ट थे. उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच और पूछताछ से पहले बेसुध सिपाही के भाई शकील को मारुती वैन से लोहिया अस्पताल भिजवाया। शकील के लोहिया अस्पताल आने से पहले ही वहां दो इंस्पेक्टरों राजेश पाठक और दधिबल तिवारी की ड्यूटी लगायी गयी थी। यह पहला मौका था जब दो  कोतवाल खुद घायल को स्ट्रेचर पर लादकर और खींचते हुए इमरजेंसी पहुंचे। दोनों इंस्पेक्टर शकील के परिजनों की तरह उसे रिफर किये जाने की स्थिति में किसी भी  अस्पताल में इलाज कराने के लिए तैयार थे। उधर एसपी बराबर अपने इंस्पेक्टरों से संपर्क में थे और पल-पल की सूचना ले रहे थे. शकील की नब्ज देखने के बाद ईएमओ डा. राज किशोर ने मरीज की सांस चलने की पुष्टि की।

इस पर इंस्पेक्टर राजेश पाठक ने एसपी को फोन पर बताया कि शकील अभी जीवित है और डाक्टर चिंता न करने की बात कह रहे हैं। एसपी की डाक्टर से बात करायी गयी और उसके बाद एसपी खुद लोहिया अस्पताल आ पहुंचे। एसपी ने शकील को हिलते- डुलते देख ईएमओ डा. राज किशोर से हाथ मिलाकर धन्यवाद कहा। अधीक्षक संतोष मिश्रा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता शकील को अस्पताल पहुंचकर उसका इलाज शुरू कराने की थी। हमने ऐसा किया और शकील जिसे लोग मृत समझ रहे थे उसे बचा पाने में कामयाब हुए। ऐसी घटनाओं में हमें आगे भी पहले घायल को उपचार के लिए भेजने को प्राथमिकता देनी चाहिए। शकील के बेटे वाहिद ने बताया कि उसका मामा कानपुर नगर में ट्रैफिक पुलिस में तैनात है।  वह वैन से कुछ साथियों को लेकर आया था। सभी ने मिलकर शकील पर हमला किया।

(रिपोर्ट – दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद )