एड्स रोगियों को नजरअंदाज कर रहा स्वास्थ्य महकमा,धरने पर बैठे पीड़ित

प्रतापगढ़ — एक ओर जहां आज पूरी दुनिया विश्व एड्स दिवस मना रही है, वही दूसरी तरफ प्रतापगढ़ का स्वास्थ्य महकमा एड्स पीड़ितों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। प्रतापगढ़ में एड्स पीड़ित आज भी धरने पर बैठे है।उनका इलाज यहाँ के डॉक्टर नही कर रहे इसका मुख्य कारण है उनका एचआईवी पीड़ित होना।  वहीं इस मामले में सीएमएस योगेंद्र का बयान भी इस मामले में चौकाने वाला है उनका कहना है कि एड्स पीड़ितों के लिए अलग ओटी और ओपीडी नही होने के कारण इलाज नही हो रहा। जब इनकी अलग व्यवस्था होगी तो इलाज होगा। तिल तिल

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December 1, 2018

प्रतापगढ़ — एक ओर जहां आज पूरी दुनिया विश्व एड्स दिवस मना रही है, वही दूसरी तरफ प्रतापगढ़ का स्वास्थ्य महकमा एड्स पीड़ितों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है।

प्रतापगढ़ में एड्स पीड़ित आज भी धरने पर बैठे है।उनका इलाज यहाँ के डॉक्टर नही कर रहे इसका मुख्य कारण है उनका एचआईवी पीड़ित होना। 

वहीं इस मामले में सीएमएस योगेंद्र का बयान भी इस मामले में चौकाने वाला है उनका कहना है कि एड्स पीड़ितों के लिए अलग ओटी और ओपीडी नही होने के कारण इलाज नही हो रहा। जब इनकी अलग व्यवस्था होगी तो इलाज होगा। तिल तिल कर मर रहे एड्स पीड़ितों की संवेदनाओ को नजर अंदाज करने वाले स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता साफ नजर आ रही है । अब सवाल यह है कि जिले में चार हजार एड्स पीड़ितों का इलाज कौन करें । जब सब कुछ भगवान भरोसे है तो सरकार के दावे का क्या।

मौत की ओर दिनबदिन कदम बढ़ा रहे पीड़ित पर जिंदगी जीने की ललक यहां हार रही है।जबकि पीड़ितों से ऑपरेशन के नाम पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा एक लाख तक कि डिमांड की जा रही । ऑपरेशन न होने से इन मरीजो के पास धरने के शिवा कोई चारा भी नही बचा है। सरकार जागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमो से प्रचार पर करोड़ो रूपये खर्च कर रही है ताकि एड्स पीड़ितों को समाज स्वाभिमान के साथ सामान्य जीवन जीने में कोई अड़चन हो।

लेकिन पढ़े लिखे बुद्धिजीवी डॉक्टर ही कुंठाग्रस्त होकर या फिर धन के लालच में ऐसा घृडित कार्य कर रहे है। अब सवाल यह उठता है आखिर एड्स पीड़ित क्या इलाज के अभाव में मौत से पहले ही मौत की आगोश में समा जाएंगे। इस मामले में सीएमओ और सीएमएस के बयान भी आपस में विरोधाभाषी नजर आते है।

(रिपोर्ट-मनोज त्रिपाठी,प्रतापगढ़)