रुबेला व खसरा टीकाकरण के बाद आधा दर्जन से अधिक छात्राओं की हालत बिगड़ी

एटा– उत्तर प्रदेश में आजकल रूबेला, खसरा टीकाकरण कार्यक्रम जोर से चलाया जा रहा है। इसलिए ये कार्यक्रम जनपद एटा में भी तेजी से चल रहा है। एटा में रुबेला, और खसरा टीकाकरण को लेकर स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। सरकार द्वारा रूबेला और खसरा पर नियंत्रण करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टीकाकरण करने के बाद थाना निधौलीकलां कस्बा के आर.वी. कन्या इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम की उदासीनता एवं लापरवाही के चलते अचानक छात्राओ की हालत बिगड़ गई। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

Written By :

admin

Updated

November 28, 2018

एटा– उत्तर प्रदेश में आजकल रूबेला, खसरा टीकाकरण कार्यक्रम जोर से चलाया जा रहा है। इसलिए ये कार्यक्रम जनपद एटा में भी तेजी से चल रहा है। एटा में रुबेला, और खसरा टीकाकरण को लेकर स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है।

सरकार द्वारा रूबेला और खसरा पर नियंत्रण करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टीकाकरण करने के बाद थाना निधौलीकलां कस्बा के आर.वी. कन्या इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम की उदासीनता एवं लापरवाही के चलते अचानक छात्राओ की हालत बिगड़ गई। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुचे स्वास्थ विभाग के अधिकारी भी केवल खाना पूरी करते हुए नजर आ रहे थे।

ये पूरा मामला जनपद एटा के निधौली ब्लाक क्षेत्र का है जहाँ निधौली क़स्बा में ही स्थित आर.वी. कन्या इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम रूबेला खसरा टीकाकरण कार्यक्रम के तहत केम्प लगाया था। जिसमे छात्राओं को टीकाकरण किया जा रहा था। लेकिन टीकाकरण होने के बाद आधा दर्जन से अधिक छात्राओं की अचानक हालत बिगड़ गयी। तो उनको स्वास्थ  विभाग के टीम ने पेट दर्द की गोली देकर ही अपनी ड्यूटी पूरी कर ली। लेकिन इसके बाद बच्चो के हालात और भी ज्यादा बिगड़ने लगी जब हालात ज्यादा बिगड़ते दिखाई देने के कई घंटे तक परेशानी के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और बालिकाओं को महज केवल फ्रूटी पिलाकर बालिकाओं को घर रवाना कर दिया गया। अपने बच्चो की तबियत ख़राब की सूचना पर पहुंचे छात्राओं के परिजनों से भी स्वास्थ विभाग की टीम के लोगो से भी कहा सुनी हो गयी और इसमें निधौली के सीएचसी अधीक्षक राहुल कुमार की लापरवाही साफ नजर आ रही है कि बालिकाओं को महज पेट दर्द एवं अन्य दवाऐ देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए,और बीमार छात्राओ के परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश पनप गया।

फिलहाल बच्चो की हालत में सुधार है और उनको परिजनों के सुपर्द कर दिया गया है। वही जब इस वारे में हमने स्वास्थ विभाग के मुुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की तो उन्होंने अब बच्चियों की हालत सामान्य बता रहे है,कभी कभी कुछ बच्चो को दिक्कत हो जाती है उसके लिए हम लोग स्वास्थ्य टीम के साथ तैयार रहते है।

(रिपोर्ट – आर. बी. द्विवेदी , एटा )