कानपुर में रावण दहन के बाद पंडाल में लगी भीषण आग,मची अफरा-तफरी

कानपुर — कानपुर शहर के एतिहासिक रामलीला ग्राउंड में शुक्रवार रात रावण दहन के बाद आतिशबाजी के दौरान रामलीला पंडाल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. हालांकि समय रहते अलर्ट पुलिस-प्रशासन ने सूझबूझ से काम लिया और मौके पर खड़ी फायरब्रिगेड की गाड़ी ने चंद मिनटों में आग पर काबू पा लिया. सूचना पर डीएम विजय विश्वास पंत, एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए. इस घटना में किसी के जान- माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. स्थिति पूरी तरह से सामान्य है. बता दें कि परेड ग्राउंड में शहर के सबसे बड़े दशहरे मेले का आयोजन किया जाता है.

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October 20, 2018

कानपुर — कानपुर शहर के एतिहासिक रामलीला ग्राउंड में शुक्रवार रात रावण दहन के बाद आतिशबाजी के दौरान रामलीला पंडाल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई.

हालांकि समय रहते अलर्ट पुलिस-प्रशासन ने सूझबूझ से काम लिया और मौके पर खड़ी फायरब्रिगेड की गाड़ी ने चंद मिनटों में आग पर काबू पा लिया. सूचना पर डीएम विजय विश्वास पंत, एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए. इस घटना में किसी के जान- माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. स्थिति पूरी तरह से सामान्य है.

बता दें कि परेड ग्राउंड में शहर के सबसे बड़े दशहरे मेले का आयोजन किया जाता है. जहां रावण दहन के बाद आकाशीय आतिशबाजी का सिलसिला चल रहा था. तभी पंडाल पर गिरी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और पंडाल धू-धू कर जलने लगा. जिससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

गौरतलब है कि जहां जहां देशभर में दशहरे के मौके पर रावण के पुतलों का दहन किया जा रहा हैं. वहीं कानपुर में रावण को ना फूंकने की अपील करते हुए शोभा यात्रा निकाली गयी. रावण को महामानव बताते हुए उनकी पूजा किए जाने की अपील की गयी. यात्रा निकाल रहे लोगों का कहना है कि रावण गौतम बुद्ध के पूर्व औतार थे, जिन्होंने हमेशा पशु बलि का विरोध किया. भारतीय दलित पैंथर के बैनर तले निकाली जा रही यात्रा कानपुर देहात के पुखरांया में बौद्ध धम्म दीक्षा समारोह में परिवर्तित हो जाएगी. दावा है कि पुरखांया के कृषि मेला मैदान में दस हजार लोग बौद्ध धर्म अपनाएगें.