मध्य प्रदेश में ‘कमल’ की होगी सरकार

नई दिल्ली–मध्य प्रदेश में भाजपा को मिली हार के बाद कांग्रेस ने बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल आनंदबेन पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।  दो दिनों की माथापच्ची के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फैसला ले लिया और उन्होंने जोश और युवा के आगे अनुभव और बड़प्पन को तरजीह दे डाली, जी हां राहुल गांधी ने अनुभवी और लंबे अरसे से गांधी परिवार के करीबी और वफादार रहे कमलनाथ को मध्यप्रदेश के सीएम पद के लिए चुना है, जिसके बाद एमपी में एक बार फिर से ‘कमल’ खिलने जा

Written By :

admin

Updated

December 13, 2018

नई दिल्ली–मध्य प्रदेश में भाजपा को मिली हार के बाद कांग्रेस ने बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल आनंदबेन पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। 

दो दिनों की माथापच्ची के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फैसला ले लिया और उन्होंने जोश और युवा के आगे अनुभव और बड़प्पन को तरजीह दे डाली, जी हां राहुल गांधी ने अनुभवी और लंबे अरसे से गांधी परिवार के करीबी और वफादार रहे कमलनाथ को मध्यप्रदेश के सीएम पद के लिए चुना है, जिसके बाद एमपी में एक बार फिर से ‘कमल’ खिलने जा रहा है लेकिन इस बार ये कमल भाजपा का नहीं बल्कि कांग्रेस का है।

फिलहाल अभी इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है, मीडिया सूत्र कह रहे हैं कि भोपाल में आज 6 बजे विधायक दल की बैठक होगी इसमें उनके नाम का औपचारिक एलान किया जाएगा। इसके बाद वे राज्यपाल के पास जाएंगे। राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में एके एंटोनी, जितेंद्र सिंह भंवर, कमलनाथ और सिंधिया भी मौजूद थे।

सूत्र ये भी कह रहे हैं कि इसके पहले मध्य प्रदेश में डिप्टी सीएम बनाने पर भी विचार किया जा रहा था, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे नकार दिया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात के लिए शाम 7 बजे का वक्त मांगने की बात भी सामने आ रही है।