उन्नाव कांड: हाई सिक्योरिटी बैरक में आरोपी, जानें किस तरह हो रही निगरानी

उन्नाव–उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह प्रकरण में किरकिरी करा चुका जेल प्रशासन बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पूरी तरह सतर्क है। डीजी जेल से लेकर निचले स्तर तक के सभी अधिकारी जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। आरोपियों को जेल में किसी तरह की विशेष सुविधा न मिल पाए, इसके लिए जेल के अधिकारियों ने भी सभी को कड़ी चेतावनी दे दी है। इसके अलावा उनकी सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले के पांचों आरोपियों को जिला जेल में रखा गया है। उनकी सुरक्षा

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 9, 2019

उन्नाव–उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह प्रकरण में किरकिरी करा चुका जेल प्रशासन बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पूरी तरह सतर्क है।

डीजी जेल से लेकर निचले स्तर तक के सभी अधिकारी जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। आरोपियों को जेल में किसी तरह की विशेष सुविधा न मिल पाए, इसके लिए जेल के अधिकारियों ने भी सभी को कड़ी चेतावनी दे दी है।

इसके अलावा उनकी सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले के पांचों आरोपियों को जिला जेल में रखा गया है। उनकी सुरक्षा में 12 सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है। यह सुरक्षा कर्मी चार-चार घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं। जघन्य वारदात में उबाल को देखते हुए सभी आरोपियों को हाईसिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।

आक्रोश में कोई बंदी इन्हें नुकसान न पहुंचा दे, इसके लिए रविवार सुबह जेल के सभी बंदियों को एक जगह पर इकट्ठा कर उन्हें ऐसी किसी प्रकार की हरकत न करने की कड़ी चेतावनी दे दी गई है। सुरक्षा को लेकर सभी डिप्टी जेलरों को भी अलर्ट कर दिया गया। आरोपियों को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर त्वरित उपचार देने के लिए जेल के डॉक्टरों को भी चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।

तीन दिन पहले जेल के सभी कैमरों को लखनऊ स्थित कंट्रोलरूम से जोड़ा गया था। इसके लिए जेल के अंदर जियो वॉल का टावर भी लगाया गया है। लखनऊ में बैठे अधिकारी स्क्रीन के जरिए जिला जेल में बंद जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के सभी आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। डीजीपी व आईजी जेल तक इस हाईप्रोफाइल मामले में पूरी तरह अलर्ट हैं।