इस बेटी ने प्रदेश के टॉप-10 में 8वां स्थान बनाकर बढ़ाया माँ बाप का सम्मान…

औरैया–यूपी बोर्ड के आये परिणाम में इस इस बार औरैया जिले की आर्या त्रिपाठी इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर प्रदेश में 8वां स्थान पाकर जिले का नाम रोशन कर दिया है। फफूंद कस्बे मे स्थित श्री राधा कृष्ण इंटर कालेज की छात्रा आर्या त्रिपाठी ने इंटर मे 91 प्रतिशत अंक लाकर जिले मे टाप किया है ,योगी सरकार मे पहली बार सीसीटीवी की निगरानी मे हुई परीक्षा मे इतने अच्छे रिजल्ट की उम्मीद छात्रो को नही थी वही अपनी मेहनत से सफल हुई छात्रा ने योगी सरकार द्वारा सीसीटीवी की निगरानी मे परीक्षा को सराहनीय कदम बताते हुए सरकार को

Written By :

admin

Updated

April 30, 2018

औरैया–यूपी बोर्ड के आये परिणाम में इस इस बार औरैया जिले की आर्या त्रिपाठी इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर प्रदेश में 8वां स्थान पाकर जिले का नाम रोशन कर दिया है।

फफूंद कस्बे मे स्थित श्री राधा कृष्ण इंटर कालेज की छात्रा आर्या त्रिपाठी ने इंटर मे 91 प्रतिशत अंक लाकर जिले मे टाप किया है ,योगी सरकार मे पहली बार सीसीटीवी की निगरानी मे हुई परीक्षा मे इतने अच्छे रिजल्ट की उम्मीद छात्रो को नही थी वही अपनी मेहनत से सफल हुई छात्रा ने योगी सरकार द्वारा सीसीटीवी की निगरानी मे परीक्षा को सराहनीय कदम बताते हुए सरकार को धन्यवाद दिया है। 

आर्या ने कहा कि उन्होंने घर में पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। वह प्रशासनिक अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहतीं हैं। अपनी सफलता के पीछे परिजनों को पूरा श्रेय देते हुए कहती हैं कि बिना उनके मार्गदर्शन के सफलता हासिल नहीं की जा सकती है।

फफूंद निवासी आर्या त्रिपाठी के पिता सुधीर त्रिपाठी श्री राधाकृष्ण इंटर कॉलेज फफूंद में प्रधानाचार्य हैं। मां नीलम त्रिपाठी डबल एमए बीएड हैं। वह वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल कटरा मनेपुर में प्रधानाध्यापिका हैं। आर्या के बाबा रिटायर्ड प्रधानाचार्य प्रताप नारायण त्रिपाठी हैं। 

बड़े भाई विशाल त्रिपाठी प्राइमरी स्कूल अछल्दा के भासी का पुरवा में अध्यापक हैं। छोटा भाई प्रगांसू त्रिपाठी कक्षा 10 में है। बड़ी बहन सौम्या त्रिपाठी गाजियाबाद से बीटेक कर रहीं हैं। इस सफलता के लिए वह अपने माता-पिता समेत ताऊ को श्रेय देतीं हैं। उन्होंने परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को टिप्स देते हुए कहा लगन से पढ़ाई करें तो पांच से छह घंटा बहुत है। पर पढ़ाई में ईमानदारी हो। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सोच बदलनी होगी तभी इसकी सार्थकता सिद्ध हो सकती है। जब सोच ही खराब होगी तो किसी भी अभियान सफल नहीं हो सकता।

(रिपोर्ट – वरुण गुप्ता , औरैया )