…आख़िर मार ही डाला अपनी सौतन को !

एटा– जनपद के निधौलीकलां थाना क्षेत्र के झिनवार गांव में आज सुबह एक महिला की मौत की सूचना  मिली थी। लेकिन जब मौत कि खबर की जांच पड़ताल की गयी तो सामने आया कि इस महिला की हत्या का आरोप उसकी सौतन और उसकी सौतेली बेटियों पर ही लगा है। हत्या का आरोप लगाने वाला भी कोई और नहीं बल्कि उसका पति आशाराम ही था। दिल्ली में ऑटो चलाकर अपना जीवन बसर करने वाले आशाराम ने बताया कि वह जनपद मैनपुरी के घिरोर कस्बे का रहने वाला है। उसने दो शादियां की थी। पहली पत्नी आशा जबकि दूसरी पत्नी गीता देवी है।

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February 13, 2018

एटा– जनपद के निधौलीकलां थाना क्षेत्र के झिनवार गांव में आज सुबह एक महिला की मौत की सूचना  मिली थी। लेकिन जब मौत कि खबर की जांच पड़ताल की गयी तो सामने आया कि इस महिला की हत्या का आरोप उसकी सौतन और उसकी सौतेली बेटियों पर ही लगा है।

हत्या का आरोप लगाने वाला भी कोई और नहीं बल्कि उसका पति आशाराम ही था। दिल्ली में ऑटो चलाकर अपना जीवन बसर करने वाले आशाराम ने बताया कि वह जनपद मैनपुरी के घिरोर कस्बे का रहने वाला है। उसने दो शादियां की थी। पहली पत्नी आशा जबकि दूसरी पत्नी गीता देवी है। शुरू में कुछ शिकायत के बाद दोनों साथ – साथ रह रही थी। पहली पत्नी से 6और दूसरी पत्नी गीता से 2बच्चे भी है। लेकिन बच्चो में समपत्ति के बटवारे को लेकर दोनों में अनबन होने लगी। समस्या को बढ़ता देख आशाराम अपनी दूसरी पत्नी गीता को लेकर दिल्ली चला गया। लेकिन समपत्ति बटवारे की आशंका पहली पत्नी आशा को खटकती रही।

लिहाजा सौतन से छुटकारा पाने के लिए आशा ने अपने भाई के साथ एक षड्यंत्र रचा और इसके लिए उसने अपनी बेटी राखी को भी शामिल किया। आशाराम का कहना है कि उसकी पहली पत्नी आशा ने अपनी दूसरी बेटी संगीता कि ससुराल में बहाने से बुलाया और रात में शौच के बहाने ले जाकर अपने भाई और बेटी राखी के साथ मिलकर सौतन गीता देवी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दीऔर उसकी लाश सरसो की खेत में फेंक दी। जब काफी देर तक गीता कही नहीं दिखी तो आशाराम ने अपनी बेटी राखी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी बात कबूल ली। राखी की बताई जगह पर परिजनों की साथ जाकर आशाराम ने गीतादेवी की खून से लथपथ लाश वरामद कर ली जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। 

(रिपोर्ट-आर. बी. द्विवेदी ,एटा )