महिलाओं ने पेड़ों पर बांधी राखी , लोगों को पर्यावरण का बचाने का दिया संदेश 

बहराइच — पूरे देश मे आज भाई बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन की धूम है । बहने अपने भाइयों को राखी बांध उनके दीर्घायु होने के साथ ही उनसे रक्षा का संकल्प ले रही है । वही प्रदेश के जनपद बहराइच में इस अवसर पर महिलाओं ने वृक्षारोपण कर पेड़ों को राखी बांधते हुये लोगों को पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दे रही हैं  ।  जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने विकासखंड मिहींपुरवा के आहलाद गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में   महिलाओं ने पेड़ों पर राखी बांधी तथा पर्यावरण स्वच्छता, संरक्षण और सम्वर्धन का संकल्प लिया।

Written By :

admin

Updated

August 27, 2018

बहराइच — पूरे देश मे आज भाई बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन की धूम है । बहने अपने भाइयों को राखी बांध उनके दीर्घायु होने के साथ ही उनसे रक्षा का संकल्प ले रही है ।

वही प्रदेश के जनपद बहराइच में इस अवसर पर महिलाओं ने वृक्षारोपण कर पेड़ों को राखी बांधते हुये लोगों को पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दे रही हैं  ।  जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने विकासखंड मिहींपुरवा के आहलाद गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में   महिलाओं ने पेड़ों पर राखी बांधी तथा पर्यावरण स्वच्छता, संरक्षण और सम्वर्धन का संकल्प लिया। मंत्रोउचारण के साथ किया रक्षाबंधन और वृक्षारोपण।

जिले में ग्रामीण आजीविका  मिशन से जुड़े  नंदकिशोर साह ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर आहलाद गांव और अयोध्या गांव के समूहों में 250 सागवान के पौधें महिलाओं को वितरित किये गये थे ।  उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ वातावरण, एक शांतिपूर्ण और स्वस्थ जीवन जीने के लिए पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन बहुत आवश्यक है। पर्यावरणीय परिवर्तन मनुष्य को अपनी जीवनशैली के बारे में पुनर्विचार के लिये प्रेरित कर रही हैं। आज जिसे बचाने की जरुरत है, वह सृष्टि है। सभी महिलाओं ने एक जुट होकर यह संकल्प लिया कि प्रकृति आदिकाल से हमें निस्वार्थ भाव से केवल देती ही आ रही है, उसकी रक्षा हम सभी करेंगे।

इस अवसर पर प्रकाश महिला ग्राम संगठन की मीना देवी ने कहा कि भारतीय परम्पराओं का यह एक ऎसा पर्व है, जो केवल भाई बहन के स्नेह के साथ साथ हर सामाजिक संबन्ध को मजबूत करता है। रक्षा बंधन भावनाओं और संवेदनाओं का पर्व है। वर्तमान समाज में हम सब के सामने जो सामाजिक कुरीतियां सामने आ रही है. उन्हें दूर करने में रक्षा बंधन का पर्व सहयोगी हो सकता है।

आजीविका मिशन की बसन्ती ने कहा कि  पेड़ पौधे  बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के वातावरण में स्वयं को अनुकुल रखते हुए, मनुष्य जाति को जीवन दे रहे होते है। इस धरा को बचाने के लिये वृक्षों की रक्षा का संकल्प लेना, बेहद जरूरी हो गया है। सबने मिलकर राखी का एक धागा बांधकर एक वृक्ष की रक्षा का वचन दिया।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)