गंगा व रामगंगा में उफान से पानी से कई गांव घिरे,खौफजदा ग्रामीण तोड़ रहे मकान

फर्रुखाबाद–फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा की बाढ़ के पानी से कई गांव घिरे हैं। गांव के आम रास्ते में बाढ़ का पानी भरने से लोग पानी से निकलने को मजबूर हैं।  रामगंगा का जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। जिससे अहलादपुर भटौली व कोलासोता गांव के लोग खौफजदा हैं। ग्रामीण अपने माकन तोड़ रहे है ।लोग रात जागकर काट रहे हैं। गांव के अधिकांश ग्रामीण नदी की धार से बेघर हो चुके हैं।  फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर पर स्थिर है। नरौरा बांध से गंगा में 117638 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर

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August 23, 2018

फर्रुखाबाद–फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा की बाढ़ के पानी से कई गांव घिरे हैं। गांव के आम रास्ते में बाढ़ का पानी भरने से लोग पानी से निकलने को मजबूर हैं।  रामगंगा का जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। जिससे अहलादपुर भटौली व कोलासोता गांव के लोग खौफजदा हैं। ग्रामीण अपने माकन तोड़ रहे है ।लोग रात जागकर काट रहे हैं। गांव के अधिकांश ग्रामीण नदी की धार से बेघर हो चुके हैं। 

फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर पर स्थिर है। नरौरा बांध से गंगा में 117638 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 136.40 मीटर पर पहुंच गया है। खोह हरेली रामनगर से रामगंगा में 8418 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा की बाढ़ के पानी से कलिका नगला, करनपुर घाट, मंझा की मड़ैया, आशा की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर, लायकपुर, जोगराजपुर, तीसराम की मड़ैया, बंगला, भुड़रा, सुंदरपुर, सैदापुर, पट्टी भरखा गांव घिरे हुए हैं। ग्रामीण बाढ़ के पानी से निकलने को मजबूर हैं।   तीसराम की मड़ैया संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी की तेज धार से कई जगह कट गया है। तटवर्ती गांव के ग्रामीणों को खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने से मवेशियों के चारे की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीण चारे के लिए काफी दूर तक भटकते हैं। 

(रिपोर्ट-दिलीप कटियीर, फर्रूखाबाद)