अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण

Ayodhya Temple Museum: अयोध्या को विश्व पटल पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यूपी कैबिनेट ने अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को टाटा सन्स अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से विकसित और संचालित करेगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक संग्रहालय होगा, जिसकी संरचना, संचालन और थीमिंग वैश्विक मानकों को पूरा करेगी। टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित परियोजना को संचालित करने के लिए टाटा सन्स कंपनी एक्ट 2013

Written By :

SK Sharma

Updated

December 2, 2025

Ayodhya Temple Museum

Ayodhya Temple Museum: अयोध्या को विश्व पटल पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यूपी कैबिनेट ने अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को टाटा सन्स अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से विकसित और संचालित करेगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक संग्रहालय होगा, जिसकी संरचना, संचालन और थीमिंग वैश्विक मानकों को पूरा करेगी।

टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित

परियोजना को संचालित करने के लिए टाटा सन्स कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाएगी। इस SPV में भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। इस मॉडल से परियोजना पारदर्शी और दीर्घकालीन स्वरूप में आगे बढ़ेगी। 3 सितंबर 2024 को भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित हो चुका है, जिसके तहत संग्रहालय के लिए भूमि आवंटन सुनिश्चित किया गया था।

अयोध्या में 52.102 एकड़ में बनेगा विशाल परिसर

पूर्व में अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए दी गई थी। लेकिन संग्रहालय की भव्यता और विस्तृत थीमिंग के लिए अधिक स्थान की आवश्यकता थी। ऐसे में कैबिनेट ने अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि और स्थानांतरित करने की स्वीकृति दे दी है। अब कुल 52.102 एकड़ में यह मेगा सांस्कृतिक परियोजना विकसित की जाएगी। भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में होगा।

संग्रहालय के निर्माण से अयोध्या में पर्यटन का दायरा और बढ़ेगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में प्रतिदिन 2 से 4 लाख पर्यटक पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी पर्यटक और भारतीय संस्कृति के शोधार्थियों के लिए यह संग्रहालय एक अनूठा आकर्षण होगा। परियोजना पूरी होने के बाद प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार से हजारों रोजगार सृजित होंगे। बढ़ते पर्यटक प्रवाह से राज्य सरकार की राजस्व आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है।

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