Chandigarh: चंडीगढ़ में ऐतिहासिक तीन आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू

Chandigarh Three Criminal Laws: चंडीगढ़ देश में ऐतिहासिक तीन आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को चंडीगढ़ को बधाई दी। Chandigarh Three Criminal Laws: 3 साल के अंदर पूरे देश होगा लागू अमित शाह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) को भी 3 साल के भीतर पूरे देश में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ में आज तीन नए आपराधिक कानूनों को राष्ट्र को समर्पित करने के

Written By :

SK Sharma

Updated

December 3, 2024

Chandigarh Three Criminal Laws: चंडीगढ़ देश में ऐतिहासिक तीन आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को चंडीगढ़ को बधाई दी।

Chandigarh Three Criminal Laws: 3 साल के अंदर पूरे देश होगा लागू

अमित शाह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) को भी 3 साल के भीतर पूरे देश में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ में आज तीन नए आपराधिक कानूनों को राष्ट्र को समर्पित करने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने इसे ‘भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए स्वर्णिम दिन’ करार दिया।

अमित शाह ने कहा- न्याय प्रणाली का स्वर्णिम दिन

अमित शाह ने कहा, ‘आज भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए स्वर्णिम दिन है, क्योंकि आज चंडीगढ़ तीनों नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू करने वाली पहली इकाई बन गया है। पुलिस, जेल, न्यायपालिका, अभियोजन और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), ये सभी नए कानूनों को पूरी तरह से लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। पिछले आपराधिक कानून, यानी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम केवल अंग्रेजों के संरक्षण के लिए थे।’ ‘नए कानून सजा के लिए नहीं, न्याय के लिए बनाए गए हैं’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘पहले के कानून 160 साल पुराने थे। वे ब्रिटिश संसद में बनाए गए थे, वे ब्रिटिश शासन की रक्षा के लिए थे, आम लोगों के लिए नहीं। पीएम मोदी ने जो कानून बनाए हैं, वे भारतीयों द्वारा बनाए गए हैं। इन कानूनों में सजा के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए जगह है। इसे तीन साल के अंदर पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।’


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