कश्मीर घाटी में ‘चिल्लई कलां’ की शुरुआत, अगले 40 दिन होगी कड़ाके की ठंड

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड के बीच 40 दिनों की सबसे कठोर सर्दियों वाला समय ‘चिल्लई-कलां’ की आज मंगलवार से शुरुआत हो गई है। हालांकि चिल्लई कलां से पहले ही माइनस 6 तक न्यूनतम तापमान के गिरने से लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि चिल्लई कलां इससे भी भीषण हो सकता है जिसके कारण दिक्कतें बढ़ सकती हैं। पारंपरिक रूप से 21 दिसंबर से लेकर मार्च के आखिरी हफ्ते तक के अंतराल को ही असल सर्दी का सीजन माना जाता है।

Written By :

SK Sharma

Updated

December 21, 2021

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड के बीच 40 दिनों की सबसे कठोर सर्दियों वाला समय ‘चिल्लई-कलां’ की आज मंगलवार से शुरुआत हो गई है। हालांकि चिल्लई कलां से पहले ही माइनस 6 तक न्यूनतम तापमान के गिरने से लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि चिल्लई कलां इससे भी भीषण हो सकता है जिसके कारण दिक्कतें बढ़ सकती हैं। पारंपरिक रूप से 21 दिसंबर से लेकर मार्च के आखिरी हफ्ते तक के अंतराल को ही असल सर्दी का सीजन माना जाता है।

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 snowfall

चिल्लई कलां का मतलब

दरअसल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कड़ाके की सर्दी 40 दिनों तक रहती है, जिसे ‘चिल्लई कलां’ के रूप में जाना जाता है, जो 21 दिसंबर यानी आज से शुरू हो गई है। जमे हुए पानी के पाइप और हड्डियों को गला देने वाली ठंड के कारण कश्मीरियों को आगे के ठंडे मौसम के लिए तैयार रहने के लिए आगाह किया गया है। चिल्लई कलां 40 दिनों तक रहता है और हर साल 31 जनवरी को समाप्त होता है, जो लोगों के लिए काफी मुश्किलें लेकर आता है।

Chillai Kalan

बता दें कि कश्मीर में घाटी में कड़ाके की ठंड के 3 चरण होते है, जिसका पहला फेज शुरू हो गया है। इसे जन्नत की सर्दी का सितम यानी हाड़ कंपाने वाली ठंड को मापने का मीटर कह सकते हैं। परंपरागत रूप से कश्मीर में मुख्य रूप से सर्दियों में तीन चरणों में विभाजित किया जाता है। पहला चरण 21 दिसंबर से शुरू होकर करीब 40 दिनों तक रहता है, भयानक ठंड के इस फेज को चिलाई कलां के रूप में जाना जाता है। फिर 20 दिनों का एक और चरण होता है जिसमें में आम तौर पर ठंड चिलाई कलां से कम रहती है, इस चरण को चिलाई खुर्द के नाम से जाना जाता है। इसके बाद अंतिम चरण 10 दिनों का होता है, जिसमें ठंड और भी कम हो जाती है, जिसे स्थानीय लोग चिल्लई बाचे कहते हैं।

चिल्‍लई कलां

लद्दाख देश का सबसे ठंडा क्षेत्र

लद्दाख में ‘चिल्लई कलां’ के चलते कड़ाके की ठंड की स्थिति बनी हुई है। लद्दाख देश का सबसे ठंडा क्षेत्र माना जाता है। हालांकि मंगलवार को ‘चिल्लई कलां’ के दौरान भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में न्यूनतम तापमान में सुधार देखा गया। मौसम विभाग (एमईटी) के निदेशक सोनम लोटस ने कहा, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (डब्ल्यूडी) के कारण दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में न्यूनतम तापमान में सुधार हुआ है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है।

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न्यूनतम तापमान श्रीनगर में माइनस 2.8, पहलगाम में माइनस 3.7 और गुलमर्ग में माइनस 5.0 डिग्री सेल्सियस रहा।लद्दाख के द्रास शहर में माइनस 11.1, लेह में माइनस 10.2 और कारगिल में माइनस 9.0 दर्ज किया गया। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 5.6, कटरा 6.0, बटोटे में 4.3, बनिहाल में 2.4 और भद्रवाह में 2.6 रहा।

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