नन्द गाँव की महिलाओं ने बरसाने के लोगों पर जमकर बरसाई लट्ठ !

मथुरा– देश भर में इस समय ब्रज की होली का रंग चढ़ा हुआ है। ब्रज में देश की जानीमानी लठमार होली का अपना एक अलग ही आनँद होता है और इसी आनँद और मस्ती के लिए देश और विदेश से लाखों राधा और कृष्ण भगवान के भक्त ब्रज मैं आते है।    ब्रज के बरसाने और नन्द गाँव मैं खेली जाने वाली इस लठमार होली मे जहाँ पहले नन्द गाँव के कृष्ण के सखा बरसाने राधा रानी की सखियों के साथ होली खेलने आते है और उसके दुसरे दिन बरसाने  के लोग राधा रानी कि  सखियों के रूप मैं कृष्ण

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February 26, 2018

मथुरा– देश भर में इस समय ब्रज की होली का रंग चढ़ा हुआ है। ब्रज में देश की जानीमानी लठमार होली का अपना एक अलग ही आनँद होता है और इसी आनँद और मस्ती के लिए देश और विदेश से लाखों राधा और कृष्ण भगवान के भक्त ब्रज मैं आते है। 

 

ब्रज के बरसाने और नन्द गाँव मैं खेली जाने वाली इस लठमार होली मे जहाँ पहले नन्द गाँव के कृष्ण के सखा बरसाने राधा रानी की सखियों के साथ होली खेलने आते है और उसके दुसरे दिन बरसाने  के लोग राधा रानी कि  सखियों के रूप मैं कृष्ण के गाँव मैं आती है और यहाँ के महिलाओं  के साथ इस होली को खेलते है। होली का फ़ौउआ भी लेते है क्यूँ की ब्रज मैं देवर भाभी को होली के वाद फ़ौउआ के रूप मैं कुछ न कुछ उपहार देता है।

ये प्रथा भगवान के समय से ही आज तक चली आ रही है इसी लिये नन्द गाँव मैं भी बरशाने के होली खेलने आने वाले सभी हुरियारों का स्वागत जोरदार तरीके से करते है। ये लोग भी नन्द गाँव के हुरियारों की तरह से ही यशोदा कुण्ड मैं आकर आराम करते है और यहीं पर अपनी तयारी करते है। जिसमे सर पर साफा और हाथ मैं ढाल को लेकर आते है । उसके वाद यहाँ से सभी नन्द भवन मैं बने नन्द मंदिर मैं जाकर दर्शन करने के वाद वहाँ जमकर होली खेलते है। बही नन्द गाँव की महिला भी अपने हाथ  मैं एक मजबूत लठ लेकर बरसाने के लोगो पर बरसाने को तयार रहती है। यहाँ पर पहले तो सब मिलकर नाचते गाते है और फिर एक दुसरे पर बार करने और उस बार को बचाने का शिल्सिला सुरु होता है।

(रिपोर्ट -सुरेश सैनी ,मथुरा )