गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, पूर्व CM वसुंधरा ने ली राहत की सांस

राजस्थान हाईकोर्ट ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगले खाली करवाने का आदेश दिया था. इसमें वसुंधरा राजे का सरकारी बंगला भी शामिल था. राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद

Written By :

Shweta Singh

Updated

August 8, 2020

बहुमत के संकट से जूझ रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सरकारी बंगला खाली करने से मुक्त कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अब इस कार्यकाल तक और फिर विधायक निर्वाचित होने पर मौजूदा बंगले में रह सकती हैं. गहलोत सरकार ने फैसला लिया कि जब तक कोई पूर्व सीएम विधायक रहेगा उसे टाइप वन श्रेणी का बंगला मिलेगा. वो भी आउट ऑफ टर्न.

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इस फैसले से अब इस दायरे में आने वाले नेताओं को आउट ऑफ टर्न बंगले आंवटित करने का रास्ता गहलोत सरकार ने खोज लिया है. राजस्थान हाईकोर्ट ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगले खाली करवाने का आदेश दिया था. इसमें वसुंधरा राजे का सरकारी बंगला भी शामिल था. राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने राजे से बंगला खाली नहीं करवाया. हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया से बंगला खाली करवा लिया गया था. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट राजे से बंगला खाली नहीं करवाने पर राजे और गहलोत के बीच मिलीभगत आरोप लगा चुके हैं.