कोरोना काल में 12.5 लाख कर्मचारियों को गहलोत सरकार ने दी बड़ी राहत

राजस्थान में सियासी घमाशान व कोरोना काल के बीच अशोक गहलोत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों (employees) को बड़ी राहत प्रदान की है. वित्त विभाग की ओर से जारी परिपत्र के..

Written By :

SK Sharma

Updated

August 5, 2020

राजस्थान में सियासी घमासान व कोरोना काल के बीच अशोक गहलोत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों (employees) को बड़ी राहत प्रदान की है. वित्त विभाग की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार सरकार ने ब्याज दरों में कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है. सरकार के इस निर्णय से करीब साढ़े 12 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत मिली है.

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दरअसल गहलोत सरकार ने जीपीएफ, सीपीएफ और अन्य बचत योजनाओं में ब्याज दरें स्थिर रखी हैं. जीपीएफ, सीपीएफ और अन्य बचत योजना में ब्याज दर 7.1% ही रहेगी.

इससे पहले 0.8 फीसदी की हुई थी कटौती ..

उल्लेखनीय है कि सरकार ने इससे पहले 30 अप्रैल, 2020 को जीपीएफ और सीपीएफ के तहत जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर में 0.8 फीसदी की कटौती की थी. इस कटौती से सरकारी कर्मचारियों (employees) को बड़ा झटका लगा था. अब सरकार ने ब्याज दर घटाकर 7.1 फीसदी कर दी थी. पहले ये ब्याज दर 7.9 फीसदी थी. वित्त विभाग की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार नई दरें 1 जुलाई 2020 से लागू होंगी. ये 30 अक्टूबर 2020 तक प्रभावी रहेंगी.

ब्याज दरें स्थिर…

आपको बता दें कि राज्य में जीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज दर की समीक्षा हर 3 महीने की जाती है. क्योंकि कोरोना वायरस कारण इससे पहले भी राज्य एवं केंद्र सरकार ब्याज दरों में कटौती कर चुकी है. इस बार भी कटौती करने का खतरा मंडरा रहा था. लेकिन राज्य सरकार ने कर्मचारियों (employees) के हित में फिलहाल ब्याज दरें स्थिर रखने का निर्णय लिया है.

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