मालखाने में कैद नेताजी को छुड़ाने के लिए18 सालों से चल रहा है प्रदर्शन

हरदोई– जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फोटो लगाकर ट्वीट कर उन्हें महानायक बता रहे हैं वहीं हरदोई कलेक्ट्रेट के मालखाने में क़ैद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की रिहाई की मांग को लेकर सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात ये है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन लगभग 18 सालों से लगातार जारी है। मालखाने में क़ैद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के लिए कई बार इन लोगों ने आवाज बुलंद की है ;लेकिन

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January 24, 2018

हरदोई– जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फोटो लगाकर ट्वीट कर उन्हें महानायक बता रहे हैं वहीं हरदोई कलेक्ट्रेट के मालखाने में क़ैद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की रिहाई की मांग को लेकर सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन की सबसे खास बात ये है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन लगभग 18 सालों से लगातार जारी है। मालखाने में क़ैद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के लिए कई बार इन लोगों ने आवाज बुलंद की है ;लेकिन प्रशासन ने उनकी इस मांग को कभी भी संजीदगी से नहीं लिया है। 

आपको बताते चलें दरअसल हरदोई में शिवसेना की जिला इकाई ने 23 जनवरी , सन 2000 को सुभाष चंद्र बोस की एक मूर्ति अस्पताल के करीब एक तिराहे पर नगर पालिका की जमीन में स्थापित की थी। उस समय के नगर पालिका अध्यक्ष ने मूर्ति लगाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र और जगह दी थी ; लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों के चलते मूर्ति लगने से कुछ ही देर बाद प्रशासन ने मूर्ति को उखाड़कर अपने कब्जे में ले लिया और दो शिवसैनिकों को शांति भंग की धारा 151 में मूर्ति के साथ चालान कर दिया था। तब से अभी तक वह मूर्ति मालखाने में कैद है जिसे रिहा कराने के लिए हर साल सुभाष जयंती के ही दिन शिवसैनिक उसके लिए प्रदर्शन कर मूर्ति को रिहा कराने की मांग जिला प्रशासन से करते हैं। 

रिपोर्ट – सुनील अर्कवंशी , हरदोई