चेतावनी ! पत्रकारों से बदसलूकी करने वालों के खिलाफ होगी FIR

भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे। PCI चेयरमैन ने कहा कि पत्रकार (reporter) भीड़ का हिस्सा नही है।

Written By :

Shweta Singh

Updated

March 29, 2020

लखनऊ–भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे। PCI चेयरमैन ने कहा कि पत्रकार (reporter) भीड़ का हिस्सा नही है।

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उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर हिंसा या बवाल होने की स्थिति में पत्रकारों को उनके काम करने में पुलिस व्यवधान नही पहुँचा सकती। पुलिस जैसे भीड़ को हटाती है वैसा व्यवहार पत्रकारों (reporter) के साथ नही कर सकती। ऐसा होने की स्थिति में बदसलूकी करने वाले पुलिस वालों या अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा।

काटजू ने कहाँ कि जिस तरह कोर्ट में एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल का हत्या का केस लड़ता है पर वह हत्यारा नही हो जाता है। उसी प्रकार किसी सावर्जनिक स्थान पर पत्रकार (reporter) अपना काम करते है पर वे भीड़ का हिस्सा नही होते। इस लिए पत्रकारों को उनके काम से रोकना मिडिया की स्वतंत्रता का हनन करना है।

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प्रेस काउन्सिल ने देश के केबिनेट सचिव, गृह सचिव, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिवों व गृह सचिवों को इस सम्बन्ध में निर्देश भेजा है और उसमे स्पष्ट कहा है कि पत्रकारों के साथ पुलिस या अर्द्ध सैनिक बलों की हिंसा बर्दाश्त नही की जायेगी। सरकारे ये सुनिश्चित करे की पत्रकारों (reporter) के साथ ऐसी कोई कार्यवाही कही न हो।

पुलिस की पत्रकारों के साथ की गयी हिंसा मिडिया की स्वतन्त्रता के अधिकार का हनन माना जायेगा जो उसे संविधान की धारा 19 एक ए में दी गयी है और इस संविधान की धारा के तहत बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मी या अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज होगा।