एसआईटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, भ्रष्टाचार में लिप्त मिले यूपी के दो IPS

मामले में नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण की शासन को भेजी गई एक रिपोर्ट लीक हुई थी. जिसमें आईपीएस डॉ अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, हिमांशु कुमार, गणेश साहा और राजीव नारायण मिश्र पर कहीं न कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का जिक्र था।

Written By :

Shweta Singh

Updated

March 7, 2020

लखनऊः उत्तर प्रदेश में 5 आईपीएस (IPS )अफसरों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में बिठाई गई एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में 5 आईपीएस में से 2 अफसरों को दोषी पाया गया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें से एक IPS अफसर के माफिया सुंदर भाटी से संबंधों का भी ज़िक्र है। जनवरी के पहले सप्ताह में 5 आईपीएस अफसरों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का मामला सामने आया था।

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मामले में नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण की शासन को भेजी गई एक रिपोर्ट लीक हुई थी. जिसमें आईपीएस डॉ अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, हिमांशु कुमार, गणेश साहा और राजीव नारायण मिश्र पर कहीं न कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का जिक्र था।

मामले में रिपोर्ट पर गंभीरता दिखाते हुए योगी सरकार ने डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी की अध्यक्षता में एक एसआईटी बनाई थी। इस एसआईटी में आईजी एसटीएफ अमित यश और जल निगम के एमडी विकास गोठनवाल भी शामिल थे।एसआईटी ने पांचों आईपीएस अधिकारियों और चिट्ठी लिखने वाले वैभव कृष्ण के बयान दर्ज किए थे।

जिन लोगों के इन IPS अधिकारियों से संबंधों का जिक्र था, उनसे भी एसआईटी ने पूछताछ की थी। वैभव कृष्ण ने जो इलेक्ट्रॉनिक सबूत दिए थे, उसका भी एसआईटी ने परीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार एसआईटी ने एक हफ्ता पहले जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है।