देखिए कैसे चोरी की वारदात को अंजाम देता है ‘बच्चा गैंग’

प्रतापगढ –जिले में कानून व्यवास्था और पुलिस का इकबाल अपराधियों का पर कितना कायम है इसकी मिशाल देखने को मिली शहर में।जहां मासूम से दिखने वाले बच्चे को मासूम समझने की गलती भारी पड़ सकती है। अब गौर से देखिए मासूम के हाथ की सफाई का हुनर,जरिया झोला बनने और बेचने का पर हुनर कमाल का है। यहीं नहीं ये मासूम प्रतापगढ और सुल्तानपुर में मोबाइल चोरी के बड़े कारनामे को अंजाम दे चुके है। दरअसल झोला टांगे ये आपके पीछे खड़े होकर आपका मोबाइल ऐसे गायब करेंगे कि आपको पता भी नही चलेगा। वहीं नगर के खंडेलवाल किराना स्टोर

Written By :

SK Sharma

Updated

January 20, 2020

प्रतापगढ –जिले में कानून व्यवास्था और पुलिस का इकबाल अपराधियों का पर कितना कायम है इसकी मिशाल देखने को मिली शहर में।जहां मासूम से दिखने वाले बच्चे को मासूम समझने की गलती भारी पड़ सकती है। अब गौर से देखिए मासूम के हाथ की सफाई का हुनर,जरिया झोला बनने और बेचने का पर हुनर कमाल का है।

यहीं नहीं ये मासूम प्रतापगढ और सुल्तानपुर में मोबाइल चोरी के बड़े कारनामे को अंजाम दे चुके है। दरअसल झोला टांगे ये आपके पीछे खड़े होकर आपका मोबाइल ऐसे गायब करेंगे कि आपको पता भी नही चलेगा। वहीं नगर के खंडेलवाल किराना स्टोर और सुल्तानपुर के अवंतिका स्वीट्स की दो तस्वीरें आपको चौका देंगी।हालांकि नाबालिक दिखने वाले इस शातिर बच्चे को नगर कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया।

अब नाबालिक है तो मुसीबत कौन सहे। पुलिस इन्हें छोड़ने की तैयारी में है ।जबकि इनके पास से चोरी के कई मोबाइल बरामद भी हुए।लेकिन पुलिस बाल सुधार गृह की जहमत नही उठाना चाहती है। खेल यह है कि पुलिस नाबालिक के नाम पर पल्ला झाड़ रही।जबकि ये मासूम गुनाहगार फिर कोई नया कारनामा कर सकते है। बड़ा सवाल ये है कि इन मासूमों के पीछे शातिर दिमाग किसका है, या फिर परिवार के आर्थिक हालात है इसके जिम्मेदार।

(रिपोेर्ट-मनोज त्रिपाठी,प्रतापगढ़)