रोगियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि संविदा कर्मी ने अपने खाते डाली

बहराइच — पयागपुर में तैनात एक संविदाकर्मी दो क्षय रोगियों के खाते में भेजे जाने वाली धनराशि उनके खाते में न भेजकर अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा। एक मृतक रोगी के नाम पर भी तीन माह तक रुपये अपने खाते में भेजता रहा। सीएमओ की जांच में खुलासा होने पर कोतवाली नगर में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। साथ ही संविदा समाप्ति की संस्तुति सीएमओ ने की है। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीबी ग्रस्त मरीजों को पोषण के लिए ५०० रुपये प्रति माह खाते में भेजा जाता है। लेकिन पयागपुर में तैनात एसटीएस संविदा

Written By :

SK Sharma

Updated

December 7, 2019

बहराइच — पयागपुर में तैनात एक संविदाकर्मी दो क्षय रोगियों के खाते में भेजे जाने वाली धनराशि उनके खाते में न भेजकर अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा। एक मृतक रोगी के नाम पर भी तीन माह तक रुपये अपने खाते में भेजता रहा। सीएमओ की जांच में खुलासा होने पर कोतवाली नगर में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। साथ ही संविदा समाप्ति की संस्तुति सीएमओ ने की है।

राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीबी ग्रस्त मरीजों को पोषण के लिए ५०० रुपये प्रति माह खाते में भेजा जाता है। लेकिन पयागपुर में तैनात एसटीएस संविदा कर्मी विजय कुमार सरोज ने क्षय रोगी ननकई पत्नी लक्ष्मन और मालिकराम पुत्र मन्नन के खाते में धनराशि न भेज स्वयं के व्यक्तिगत खाते में हस्तांतरित कर दिया। इतना ही नहीं क्षय रोगी मालिकराम की मौत के बाद भी उसे दी जाने वाली तीन माह की धनराशि अपने खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर कर दिया।

इसकी जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने जिला क्षय रोग अधिकारी तथा उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय वर्मा को जांच सौंपी। जांच में विजय कुमार वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए। इस पर जिला क्षय रोग अधिकारी ने कोतवाली नगर में वित्तीय अनियमितता का केस दर्ज कराया है। सीएमओ ने बताया कि दोनों रोगियों का छह हजार रुपये कर्मी ने गबन किया है। संविदा समाप्ति की संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)