प्रदेश में 14 नये मेडिकल कालेजों की होगी स्थापना – सीएम योगी 

बहराइच— प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी आज एक दिवसीय दौरे पर जनपद बहराइच पहुंचे इस मौके पर उन्होंने नव निर्मित मेडिकल कालेज का नामकरण महराजा सुहेलदेव के नाम पर करने की घोषणा की। प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा की एक छात्र को एमबीबीएस की डिग्री दिलाने में दस करोड़ रुपये सरकार किसी न किसी रूप में खर्च करती जो की प्रदेश की जनता की और से दिये टैक्स का पैसा होता है । इसलिए आप पर जनता का जीवन पर्यंत ऋण होता है , उन्होंने कहा की डॉक्टर को हमेशा संवेदनशील व मृदभाषी होना

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August 28, 2019

बहराइच— प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी आज एक दिवसीय दौरे पर जनपद बहराइच पहुंचे इस मौके पर उन्होंने नव निर्मित मेडिकल कालेज का नामकरण महराजा सुहेलदेव के नाम पर करने की घोषणा की।

प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा की एक छात्र को एमबीबीएस की डिग्री दिलाने में दस करोड़ रुपये सरकार किसी न किसी रूप में खर्च करती जो की प्रदेश की जनता की और से दिये टैक्स का पैसा होता है । इसलिए आप पर जनता का जीवन पर्यंत ऋण होता है , उन्होंने कहा की डॉक्टर को हमेशा संवेदनशील व मृदभाषी होना चाहिए जिससे इलाज के साथ ही आपके व्यवहार से भी बीमार जल्द स्वस्थ हो सके । 

सीएम योगी ने मेडिकल कालेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सात सौ प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्र व छात्राओं से संवाद करते हुये कहा की हम लगातार प्रदेश में नये मेडिकल कालेज खोलने की दिशा में अग्रसर हैं , जहां आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में सिर्फ 12 मेडिकल कालेज थे वही हमने दो सालों में 15 नये कालेज खोलवाये जिनमे से छह कालेजों में इस वर्ष से सत्र शुरू हो गया वही बाकी में भी अगले वर्ष तक मेडिकल के दाखिले शुरू हो जायेंगे।

इसके अलावा हमारी सरकार प्रदेश में 14 और नये मेडिकल कालेज खोलने की योजना पर काम कर रही है जिससे एक या दो जिले पर एक कालेज हो जायेगा । इस मौके पर उन्होंने जिले में नव निर्मित  मेडिकल कालेज का नाम महराजा सुहेलदेव व अस्पताल का नाम बालार्क ऋषि के नाम पर करने की घोषणा कर सबको चौंका दिया । 

सीएम ने डॉक्टरों को भी दिखाया आईना 

इस मौके पर सी एम ने डॉक्टरों को आइना दिखाते हुये कहा की सरकारी डॉक्टर की तैनाती अगर ग्रामीण इलाके में हो जाती है तो वो सी एम ओ से मिलकर महीने में एक दिन ही अस्पताल जाता है । पैसा सरकार देती है प्राइवेट प्रैक्टिस न करने के लिये भत्ता भी लेते हैं , लेकिन उसके बाद भी प्राइवेट प्रैक्टिस में।व्यस्त रहतें है । 

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)