600 से ज्यादा अधिकारियों पर कार्रवाई, 200 से अधिक किए गए जबरन रिटायर

न्यूज डेस्क– सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा के मुताबिक योगी सरकार ने पिछले 2 सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है वह देश में अब तक किसी भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदम से बहुत बड़ी है. जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत दो साल में 600 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ की कार्रवाई की गई है. इनमें से 200 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को योगी सरकार ने जबरन रिटायर कर दिया है

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July 3, 2019

न्यूज डेस्क– सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा के मुताबिक योगी सरकार ने पिछले 2 सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है वह देश में अब तक किसी भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदम से बहुत बड़ी है.

जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत दो साल में 600 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ की कार्रवाई की गई है. इनमें से 200 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को योगी सरकार ने जबरन रिटायर कर दिया है जबकि 400 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को बृहद दंड दिया गया है.

सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा के मुताबिक योगी सरकार ने पिछले 2 सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है वह देश में अब तक किसी भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदम से बहुत बड़ी है. उन्होंने बताया कि सरकार ने 200 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट दिया है. सौ से अधिक अधिकारी अभी भी सरकार के रडार पर हैं. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह पहली सरकार होगी जिसने 600 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई कर एक नजीर पेश की है.

भ्रष्ट व अक्षम कर्मियों को सेवा मुक्त करने के निर्देशः

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों से भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी व अक्षम अधिकारियों व कर्मचारियों की रिपोर्ट तलब कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे. साथ ही कहा था कि जो भी दोषी हैं और अक्षम हैं उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाए.

बता दें जिन 400 अधिकारियों व कर्मचारियों को बृहद दंड दिया गया है अब उनका प्रमोतिओं नहीं होगा, साथ ही उन्हें दूसरी जगह भेजा जाएगा. इतना ही नहीं सरकार के राडार पर 100 से अधिक अधिकारी भी हैं, जिन पर आने वाले दिनों में एक्शन लिया जाएगा. दरअसल, इनमे ज्यादातर आईएएस और आईपीएस अफसर हैं, जिन पर फैसला केंद्र को लेना है. लिहाज उन अफसरों की सूची केंद्र को भेज दी गई है.