पहला बड़ा मंगल आज,लखनऊ में ही क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल ? ये है वजह

लखनऊ — जेठ मास का आज बड़ा मंगल है। राजधानी लखनऊ में यह किसी बड़े त्यौहार की तरह ही मनाया जाता है। मंदिरों में सुबह से ही बजरंग बली के जयकरे गूंज रहे है और जगह-जगह भंडारे लगे हुए हैं। वहीं अलीगंज के हनुमान मंदिर में करीब 500 किलो फूलों से बजरंग बली का ऋ्ंगार किया गया। जबकि अमीनाबाद में हनुमान जी को 21 किलो बेसन के लड्डू का भोग लगाया गया। इसके अलावा अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर, हजरतगंज के हनुमान मंदिर,  चारबाग के त्रिलोचन हनुमान मन्दिर, रकाबगंज चौराहा में मौजूद हनुमान मन्दिर, पक्कापुल स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर

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May 21, 2019

लखनऊ — जेठ मास का आज बड़ा मंगल है। राजधानी लखनऊ में यह किसी बड़े त्यौहार की तरह ही मनाया जाता है।

मंदिरों में सुबह से ही बजरंग बली के जयकरे गूंज रहे है और जगह-जगह भंडारे लगे हुए हैं। वहीं अलीगंज के हनुमान मंदिर में करीब 500 किलो फूलों से बजरंग बली का ऋ्ंगार किया गया। जबकि अमीनाबाद में हनुमान जी को 21 किलो बेसन के लड्डू का भोग लगाया गया।

इसके अलावा अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर, हजरतगंज के हनुमान मंदिर,  चारबाग के त्रिलोचन हनुमान मन्दिर, रकाबगंज चौराहा में मौजूद हनुमान मन्दिर, पक्कापुल स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर आदि सभी मंदिरों में हनुमान भक्तों की भारी भीड़ सुबह से ही जुटी हुई है।

 

बता दें कि ज्येष्ठ का महीना 19 मई से 17 जून तक चलेगा। इस दौरान चार मंगल पड़ेंगे ये चारों ही बड़े मंगल के नाम से जाने जाते हैं। आज 21 मई को पहला बड़ा मंगल है। 28 मई को दूसरा बड़ा मंगल पड़ेगा, तीसरा बड़ा मंगल 4 जून को और चौथा बड़ा मंगल 11 जून को पड़ेगा।

भगवान शिव के 11वें अवतार है बजरंगबली

भगवान हनुमान शिव जी के 11वें अवतार हैं, कहा जाता है कि हनुमान आज भी कलयुग में शरीर के साथ धरती पर विचरण करते हैं। बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से सुख-संपदा मिलती है।

लखनऊ में ही क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल?

यूपी की राजधानी लखनऊ में विशेष तौर पर बड़ा मंगल मनाया जाता है। इसकी मान्यता ये है कि लखनऊ के नवाब सआदत अली खान ने बीमार होने पर हनुमान जी से मन्नत मांगी थी, जिसे पूरी होने के बाद उन्होंने अलीगंज में हनुमान मंदिर बनवाया। उस मंदिर के ऊपर आज भी चांद का निशान बना हुआ है।

इसे लेकर एक अन्य मान्यता भी है। इसके अनुसार एक जाटमल व्यापारी ने हनुमान जी से मान्यता मानी थी कि अगर उसका इत्र और केसर बाजार में पूरा बिक गया तो वो हनुमान जी का भव्य मंदिर बनवाएंगे। नवाब वाजिद अली शाह ने कैसरबाग बसाने के लिए जाटमल से सारा इत्र और केसर खरीद लिया। जाटमल की मन्नत पूरी हुई और उसने कहे अनुसार हनुमान जी का मंदिर बनावाया। तब से हर ज्येष्ठ के मंगल को लखनऊ में बड़ा मंगल मनाया जाता है।