मेरठ में RSS कार्यकर्ता की हत्या से मचा हड़कंप,बोरे में मिली लाश

मेरठ — उत्तर प्रदेश के मेरठ में आरएसएस कार्यकर्ता की निर्गम हत्या से हड़कंप मच गया।वही निकाय चुनाव के मतदान से ठीक दो दिन पहले हुई इस हत्या से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये है।  बता दें कि आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता व लोहा कारोबारी सुनील गर्ग की बदमाशों ने धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी।यही नहीं बदमाशों ने सुनील के शव को बोरे में भर कर नाले में फेंक दिया।वही संघ कार्यकर्ता की हत्या के बाद एक बार फिर से राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है।सूचना पर एसपी सिटी मानसिंह चौहान

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November 20, 2017

मेरठ — उत्तर प्रदेश के मेरठ में आरएसएस कार्यकर्ता की निर्गम हत्या से हड़कंप मच गया।वही निकाय चुनाव के मतदान से ठीक दो दिन पहले हुई इस हत्या से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये है। 

बता दें कि आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता व लोहा कारोबारी सुनील गर्ग की बदमाशों ने धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी।यही नहीं बदमाशों ने सुनील के शव को बोरे में भर कर नाले में फेंक दिया।वही संघ कार्यकर्ता की हत्या के बाद एक बार फिर से राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है।सूचना पर एसपी सिटी मानसिंह चौहान फोर्स के साथ मौके पर पहुंच।

जानकारी के अनुसार, शहर के देवी नगर में रहने वाले सुनील गर्ग (56) का सूरजकुंड में लोहे का कारोबार है। वह भाजपा के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और संगठन के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। वही सुनील की हत्या की खबर सुनते ही लोगों की भीड़ जुट गई। शव सुनील गर्ग का था लिहाजा भाजपा कार्यकर्ता और पार्षद प्रत्याशियों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उधर हंगामा कर रहे लोग हत्यारोपियों की गिरफ्तार की मांग कर रहे थे। 

बता दें कि रविवार सुबह दस बजे सुनील सूरजकुंड वार्ड से भाजपा उम्मीदवार के साथ जनसंपर्क किया था। इसके बाद डेढ़ बजे घर चले गए। शाम सवा चार बजे के करीब वह पत्नी रश्मि से यह कहकर बाइक से गए थे कि कुछ जरूरी काम निपटाकर थोड़ी देर में लौट आएंगे। इसके बाद वह रात तक नहीं लौटे तथा उनका मोबाइल भी बंद आ रहा था। जिस पर परिजनों की उनकी तलाश शुरू की।

सुनील के भाई संजीव गर्ग ने सिविल लाइंस थाने में सूचना दी। एसपी सिटी मानसिंह चौहान को भी सुनील गर्ग के लापता होने की सूचना दी। अवगत इसके बाद पुलिस टीमें सुनील की तलाश में जुट गईं। इसी दौरान पुलिस ने राहगीरों की सूचना पर नाले के पास सड़क किनारे बोरे में बंद लाश बरामद की। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों ने शव देखा तो कोहराम मच गया।

वही प्रदेश में भाजपा की सरकार होते अपराधियों द्वारा किए गए इस वारदात से सूबे की कानून व्यावस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि संघ कार्यकर्ता की हत्या से महानगर पुलिस भी असहज नजर आई।फिलहाल पुलिस ने टीम गठित कर हत्यारोपियों की तालाश में जुट गई है।