पीसीएफ अफसरों ने ब्लैक करने के चक्कर में ख़राब कर डाली 2200 मीट्रिक टन यूरिया

बदायूँ —बदायूँ में प्रशासन के लोग लगातार सरकार की छवि खराब कर रहे  है। जिसके चलते किसान के लिये आई यूरिया को पीसीएफ के अफसरों ने 2200 मेट्रिक टन यूरिया ख़राब कर डाली।   बदायूं में किसानो को उनकी फसल में खाद लगाने की समस्या ना हो जिसके चलते शासन लगातार खाद सेंटरों पर पंहुचा रहा है। पर बदायूं मे पीसीएफ के अफसर लगातार खाद में धांधली कर सरकार की छवि ख़राब कर रहे है जिससे किसानो के लिए खाद की समस्या खड़ी  हो गई। बदायूं में इफको के यूरिया सेंटरों पर इस समय खाद का संकट हो गया  है और

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January 21, 2019

बदायूँ —बदायूँ में प्रशासन के लोग लगातार सरकार की छवि खराब कर रहे  है। जिसके चलते किसान के लिये आई यूरिया को पीसीएफ के अफसरों ने 2200 मेट्रिक टन यूरिया ख़राब कर डाली।  

बदायूं में किसानो को उनकी फसल में खाद लगाने की समस्या ना हो जिसके चलते शासन लगातार खाद सेंटरों पर पंहुचा रहा है। पर बदायूं मे पीसीएफ के अफसर लगातार खाद में धांधली कर सरकार की छवि ख़राब कर रहे है जिससे किसानो के लिए खाद की समस्या खड़ी  हो गई। बदायूं में इफको के यूरिया सेंटरों पर इस समय खाद का संकट हो गया  है और यूरिया के लिए किसान सुबह से ही लाइन लगाकर खाद की खरीद कर रहा है। लेकिन किसान के इस संकट को कोई नहीं समझता बल्कि किसानो के हित के लिए बनाये गये विभाग ही किसानो का उत्पीड़न करते है। किसान एक तरफ खाद के लिये भटक रहा है वही पीसीएस के अफसरों ने ब्लैक करने के लिये रखी गोदामों में 2200 मेट्रिक टन यूरिया ख़राब कर दी। अफसरों को यूरिया ठिकाने लगाने का मौक़ा नहीं मिला और जब शिकायत डीएम तक पहुंची तो जाँच बैठा दी गई और एआर को-ऑपरेटिव ने जाँच में इस यूरिया को पकड़ लिया।

चौकाने वाली बात यह है कि यूरिया पिछले पांच वर्षों से गोदाम में पड़ी है जिसका अभी तक विवरण भी नहीं दिया गया। 44 हज़ार बोरी यूरिया ख़राब होने से पीसीएफ और इफको को लगभग 1 करोड़ 43 लाख 88 हज़ार रूपये का नुक्सान हुआ है। अब जाँच के बाद पीसीएफ के जिम्मेदार अफसरों पर कार्यवाही की बात की जा रही है।

(रिपोर्ट- राहुल सक्सेना, बदायूं )