फर्रुखाबादःस्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रही नगर पालिका

फर्रुखाबाद–कागजों की बाजीगरी में खेलती नगर पालिका परिषद की व्यवस्था से नगर के अधिकांश इलाके त्रस्त हैं। यहां सड़कों पर कूड़ा फेंका जा रहा है तो दूसरी ओर लाखों रुपये कीमत के कूडे़दान वर्कशॉप के कबाड़ में जंग खा रहे हैं।  नगर की सफाई व्यवस्था लगातार सवालों में घिरी रहती है। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नगर के हर उस सार्वजनिक स्थान पर कूडे़दान की व्यवस्था कराई गई है, जहां कूड़ा-करकट फेंका जाता है। इन दावों से परे नगर के दर्जनों मुहल्ले ऐसे हैं जहां सभासदों ने कूड़ेदान रखवाए ही नहीं हैं। इसके पीछे सभासदों के अपने-अपने तर्क

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January 14, 2019

फर्रुखाबाद–कागजों की बाजीगरी में खेलती नगर पालिका परिषद की व्यवस्था से नगर के अधिकांश इलाके त्रस्त हैं। यहां सड़कों पर कूड़ा फेंका जा रहा है तो दूसरी ओर लाखों रुपये कीमत के कूडे़दान वर्कशॉप के कबाड़ में जंग खा रहे हैं। 

नगर की सफाई व्यवस्था लगातार सवालों में घिरी रहती है। नगर पालिका परिषद का दावा है कि नगर के हर उस सार्वजनिक स्थान पर कूडे़दान की व्यवस्था कराई गई है, जहां कूड़ा-करकट फेंका जाता है। इन दावों से परे नगर के दर्जनों मुहल्ले ऐसे हैं जहां सभासदों ने कूड़ेदान रखवाए ही नहीं हैं। इसके पीछे सभासदों के अपने-अपने तर्क भी हैं। 

नगर पालिका परिषद सदर फर्रुखाबाद में खुलेआम चैयरमैन वत्सला अग्रवाल स्वच्छ भारत मिशन अभियान की धज्जियां उड़वाती हुई नजर आ रही है।नगर पालिका परिषद में लाखों रुपये के नए कूड़ेदान कबाड़ बन रहे है और साथ मे जो कचरा डालने वाले रिक्शे भी कबाड़ बन गए है । भारत सरकार व राज्य सरकार के द्वारा शहर के सभी घरों में  बाटे जाने वाले आये हुए कूड़ेदान व गली वार्डो में कूड़े फेकने वाले रिक्शे भी खड़े खड़े कबाड़ बन रहे है। शहर में न ही किसी भी तिराहे ओर न किसी गली के बाहर ओर शहर में कही भी कोई भी नीला व हरा कूड़ादान नही लगा हुआ है ।और घरों की बात की जाए तो घरों में भी हरे व नीले डस्टविन नही बांटे गए ।

नगर पालिका परिषद सदर सरकार के मनसा पर पानी फेरने का काम कर रही है ।सरकार का लाखो रुपये की बर्बादी हो रही है कोई भी अधिकारी ध्यान नही दे रहा है जो नगर पालिका की गाड़ी है वो भी बिना रजिस्टेशन की है ।शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे  रहते है।हर गली मोहहले में खुले में कूड़ा डाला जाता है जिससे आवारा जानवर कूड़े कर ढेर को फैला देते है ।कोई भी ध्यान नही दे रहा है।

(रिपोर्ट- दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद )