दोनो हाथों से विकलांग अर्पित रच रहा इतिहास

फर्रुखाबाद — जिले  के राजकीय पालीटेक्निक कालेज के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अर्पित गंगवार बचपन से ही दोनो हाथों से दिव्यांग है। लेकिन वह अपने सभी कार्य उन्ही हाथों से करता है जोकि वेकार है। दरअसल अर्पित ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गांव खुड़नाखार के सरकारी स्कूल से शुरू की उसके बाद शहर के रामानन्द इंटर कालेज से इंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी की उसके बाद वर्तमान में बिजली विभाग में नौकरी करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बता दें कि अर्पित गंगवार पुत्र सरनेश गंगवार जो कि किसान है वह अपने 6 लोगो के परिवार में

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December 15, 2018

फर्रुखाबाद — जिले  के राजकीय पालीटेक्निक कालेज के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अर्पित गंगवार बचपन से ही दोनो हाथों से दिव्यांग है। लेकिन वह अपने सभी कार्य उन्ही हाथों से करता है जोकि वेकार है।

दरअसल अर्पित ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गांव खुड़नाखार के सरकारी स्कूल से शुरू की उसके बाद शहर के रामानन्द इंटर कालेज से इंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी की उसके बाद वर्तमान में बिजली विभाग में नौकरी करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

बता दें कि अर्पित गंगवार पुत्र सरनेश गंगवार जो कि किसान है वह अपने 6 लोगो के परिवार में दूसरे नम्बर का है उसकी बड़ी बहन रूपम वह भी पढाई कर रही है।छोटा भाई चेतन है सबसे छोटी बहन सुहानी है।अर्पित की मां श्यामदेवी अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए हौसले को बढ़ाती रहती है।

वहीं अर्पित गंगवार का कहना है कि उसका बचपन से सपना था कि वह बिजली विभाग में नौकरी करेगा उसी बजह से इलेक्टानिक इंजीनियर बनने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा हूं।मैं अपने माँ बाप का सपना पूरा करूगा जिससे जो गांव में लोग मेरी मजाक बनाते थे वह देश के किसी भी विकलांग का मजाक न बना सके।

यदि मन विश्वास हो तो हर काम सम्भव-इंजीनिरिंग कर रहे अर्पित गंगवार ने यह साबित दिया है यदि मन मे आसमान छूने की इच्छा हो तो उसके आगे उसके हाथ या पैर नही आते केवल दिल मे हौसला होना चाहिए किसी प्रकार के लक्ष्य को पाया जा सकता उसका मानना है मेरे दोनो हाथ बहुत ही छोटे व कमजोर है फिर हमने हिम्मत नही हारी उसी बजह से आज हम इंजीनिरिंग की पढ़ाई कर रहे है।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार,फर्रुखाबाद)