राजधानी में भी दिल्ली जैसे प्रदूषण से धुंध का असर, कूड़ा जलाने पर दर्ज होगी FIR

लखनऊ– पिछले दिनों में स्मॉग के कारण प्रदूषण जांच रिपोर्ट में राजधानी टॉप पर रही है। अभी भी यहां प्रदूषण दूसरे शहरों की अपेक्षा काफी अधिक है। बढ़ते वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने निर्देश दिए हैं- “शहर के किसी भी क्षेत्र, गली, महल्ले में कूड़ा न जलाया जाए।” सफाईकर्मियों अथवा पब्लिक द्वारा सफाई के उपरांत कूड़े के ढेर बना दिए जाते हैं जिसमें आग लगने की संभावना बनी रहती है।” उन्होंने कहा- नियमित रूप से कूड़े को न जलाए जाने के संबंध में जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिया गया

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November 14, 2017

लखनऊ– पिछले दिनों में स्मॉग के कारण प्रदूषण जांच रिपोर्ट में राजधानी टॉप पर रही है। अभी भी यहां प्रदूषण दूसरे शहरों की अपेक्षा काफी अधिक है। बढ़ते वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने निर्देश दिए हैं- “शहर के किसी भी क्षेत्र, गली, महल्ले में कूड़ा न जलाया जाए।”

सफाईकर्मियों अथवा पब्लिक द्वारा सफाई के उपरांत कूड़े के ढेर बना दिए जाते हैं जिसमें आग लगने की संभावना बनी रहती है।” उन्होंने कहा- नियमित रूप से कूड़े को न जलाए जाने के संबंध में जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिया गया है। कूड़ा जलाते हुए पाया जाने पर जुर्माना वसूल करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी कूड़ा जलाते हुए पाया जाने पर उसके विरुद्ध पर्यावरणीय नियम के अंतर्गत एफआईआर भी दर्ज करायी जाएगी।

नगर आयुक्त की ओर से कई विभागों को भेज कर सहयोग मांगा गया है। इसमें एलडीए, आवास-विकास परिषद, व सिंचाई विभाग हैं। निर्माण कार्य के दौरान वातावरण प्रदूषित न होने के संबंध में एलडीए एवं आवास विकास परिषद से कहा गया है- “विभाग अपने स्तर से समस्त ठेकेदार व डेवेलपर्स को निर्देश जारी करें कि निर्माण सामग्री को सड़क पर न रखकर अपने कैम्पस के भीतर ही रखें।” मिट्टी की लेवलिंग एवं ड्रेसिंग का कार्य कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाए। कार्य स्थल व योजनाओं में सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाने के लिए भी कहा गया है।”