निकाय चुनाव तक लखनऊ में ही रहेंगी मायावती

लखनऊ– सूबे में निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद से सभी राजनेता अपना पूरा जोर चुनाव जीतने के लिए लगा रहे है। इसी कड़ी में बीएसपी प्रमुख मायावती निकाय चुनाव तक लखनऊ में ही कैंप करेंगी। चुनाव की कमान उन्होंने अपने हाथ में ले ली है। टिकट वितरण के बाद वह सभी नगर निकायों का लगातार फीडबैक ले रही हैं। पिछले दो चुनाव में करारी हार के बाद उनकी कोशिश है कि नगर निकाय में प्रदर्शन बेहतर हो सके। अच्छा वोट प्रतिशत हासिल कर यह बताया जा सके कि शहरों में भी पार्टी के वोटर हैं और वह अभी

Written By :

admin

Updated

November 13, 2017

लखनऊ– सूबे में निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद से सभी राजनेता अपना पूरा जोर चुनाव जीतने के लिए लगा रहे है। इसी कड़ी में बीएसपी प्रमुख मायावती निकाय चुनाव तक लखनऊ में ही कैंप करेंगी। चुनाव की कमान उन्होंने अपने हाथ में ले ली है। टिकट वितरण के बाद वह सभी नगर निकायों का लगातार फीडबैक ले रही हैं।

पिछले दो चुनाव में करारी हार के बाद उनकी कोशिश है कि नगर निकाय में प्रदर्शन बेहतर हो सके। अच्छा वोट प्रतिशत हासिल कर यह बताया जा सके कि शहरों में भी पार्टी के वोटर हैं और वह अभी कमजोर नहीं हुई है।

विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 19 सीटें ही मिलीं, लेकिन वोट 22 प्रतिशत मिले। इसके बाद 2019 में लोकसभा चुनाव होना है। इससे पहले हो रहे नगर निकाय चुनाव में पार्टी अच्छा वोट प्रतिशत हासिल करती है तो यह लोकसभा चुनाव से पहले संजीवनी का काम करेगा। यही वजह है कि नगर निकाय में पार्टी ने पहली बार सिंबल पर प्रत्याशी उतारे हैं। गुजरात में भी पार्टी सभी सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है, लेकिन वहां प्रभारी बनाए गए प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर और अन्य नेताओं की ही सभाएं ज्यादा हो रही हैं। मायावती का फोकस यूपी के निकाय चुनाव पर है। वह हर निकाय की मॉनिटरिंग वह खुद कर रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि पार्टी का फोकस पश्चिमी यूपी और लखनऊ पर है। पश्चिम यूपी में दलित-मुस्लिम समीकरण से पार्टी को जीत की उम्मीद है। वहीं, लखनऊ में पार्षद जीतते हैं तो यहां का संदेश पूरे प्रदेश और आगे की राजनीति में जाएगा।