फूलपुर में भाजपा की हार, केशव मौर्या ने कम वोटिंग को बताया जिम्मेदार

लखनऊ– योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल बने उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव में बीजेपी को झटका लगता दिख रहा है। योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट रही गोरखपुर में बीजेपी मामूली अंतर से ही आगे चल रही है, वहीं डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई फूलपुर सीट पर फंसती दिख रही है। एसपी और बीएसपी ने दोनों सीटों पर अपना साझा उम्मीदवार उतारा है। फूलपुर में बीजेपी के पिछड़ने पर सफाई देते हुए बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘शायद वोट पड़ने का भी असर पड़ रहा

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March 14, 2018

लखनऊ– योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल बने उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव में बीजेपी को झटका लगता दिख रहा है। योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट रही गोरखपुर में बीजेपी मामूली अंतर से ही आगे चल रही है,

वहीं डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई फूलपुर सीट पर फंसती दिख रही है। एसपी और बीएसपी ने दोनों सीटों पर अपना साझा उम्मीदवार उतारा है। फूलपुर में बीजेपी के पिछड़ने पर सफाई देते हुए बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘शायद वोट पड़ने का भी असर पड़ रहा है। आमतौर पर बीजेपी की मानसिकता का वोटर घर से बाहर कम ही निकलता है।’ चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक इस सीटों पर शहरी इलाकों में मत प्रतिशत कम रहा और इसकी वजह से भी बीजेपी के वोटों में कमी देखने को मिल सकती है। 

गौरतलब है कि बीजेपी ने फूलपुर में कौशलेंद्र पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के करीबी उपेंद्र शुक्ला को सत्ताधारी दल ने मौका दिया था। वाराणसी के मेयर रहे कौशलेंद्र पटेल को भी सीएम योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता रहा है। फूलपुर में कुर्मी मतदाताओं की अच्छी संख्या को देखते हुए बीजेपी ने पटेल को उम्मीदवार बनाया था, जबकि एसपी-बीएसपी ने भी इसी समुदाय के नागेंद्र पटेल को मौका दिया।