ब्रेकिंग न्यूज़

हवा में दुश्मन के छक्के छुड़ाएगी राजस्थान की यह महिला पायलट

आधी आबादी
Typography

न्यूज डेस्क -- आज के युग में जहां आज भी बेटियों को अभिशाप मान उनकी हत्या कर दी जाती है। तो ये खबर उनके मां-बाप के लिए उनको अपने जहन में एक बात डाल लेनी चाहिए कि बेटियां किसी से कम नहीं है।

न्यूज डेस्क -- आज के युग में जहां आज भी बेटियों को अभिशाप मान उनकी हत्या कर दी जाती है। तो ये खबर उनके मां-बाप के लिए उनको अपने जहन में एक बात डाल लेनी चाहिए कि बेटियां किसी से कम नहीं है।

ऐसे ही एक उदहारण पिलानी के पास घूमनसर कला गांव की प्रिया शर्मा ने पेश किया है। प्रिया भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट बन गई है। प्रिया का कड़ी मेहनत का ही नतीजा है। वह देश की सातवीं फाइटर पायलट बन गई है।

प्रिया की मेहनत का ही नतीजा है। जो जिले से लेकर प्रदेश सहित देशभर में उसकी की चर्चा हो रही है। प्रिया अब भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान उड़ाकर दुश्मनों को सबक सिखाएगी। बचपन से उड़ान भरने का सपना देख रही प्रिया शर्मा ने एमएनआइटी जयपुर से बीटेक किया और इसी दौरान एयरफोर्स में फाइटर पायलट बनने का आवेदन कर दिया। दो साल की ट्रेनिंग के बाद शनिवार को प्रिया पासआउट कर गई।

प्रिया के पिता मनोज कुमार भी एयरफोर्स में स्कवाड्रन लीडर हैं और वो फिलहाल बीकानेर में कार्यरत हैं। प्रिया के भाई अंशुल एम्स जोधपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वहीं दादा मदनलाल प्रयोगशाला सीरी में सर्विस करते थे। अब रिटायर हो चुके हैं। प्रिया के चाचा प्रमोद कुमार भी आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रिया के दादा मदनलाल ने बताया कि उसकी पौत्री समझदार होने के बाद इसी फील्ड को चुनना चाहती थी। सलेक्शन होने के बाद उनकी प्रिया से बात हुई है उसने एक-दो दिन में गांव आने की बात कही है।

Pin It